संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली समेत अन्य मुद्दों को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं का बेमियादी धरना सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। जिला प्रशासन और किसानों के बीच हुई वार्ता में संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान की मांग पर चीनी मिलों के अफसर संतोषजनक जबाव नहीं दे पाए। भाकियू कार्यकर्ता मंगलवार को कलक्ट्रेट के सामने चक्का जाम करेंगे। चक्का जाम का नेतृत्व भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत करेंगे।
कलक्ट्रेट परिसर में भाकियू कार्यकर्ताओं का संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली, दिल्ली-देहरादून अन्य मुद्दों को लेकर इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे मुआवजा आदि को लेकर बेमियादी धरना जारी रहा। दोपहर को जिला प्रशासन और भाकियू कार्यकर्ताओं की बैठक एडीएम संतोष सिंह की अध्यक्षता में हुई। दो पक्षीय वार्ता में शामली, थानाभवन, ऊन चीनी मिल के यूनिट हेड से 31 अक्तूबर तक गन्ना भुगतान का शेडयूल मांगा गया।
कहा कि चीनी मिल 31 अक्तूबर तक पिछले सत्र का संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान का चेक देकर उसकी गारंटी किसानों को दें। इस पर चीनी मिलों के यूनिट हेड संतोषजनक जबाव नहीं दे पाए। जिस पर भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान ने कहा कि किसान की तक सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। तब तक किसान वापस नहीं जाएंगे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान पर मंगलवार को ट्रैक्टर से चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने का आह्वान किया।
वहीं, छठे दौर की वार्ता के बाद दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक ने बताया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॅमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के मामले में पैमाइश करने तथा दो माह में आर्बिटेशन का निस्तारण करने, किसानों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई निरस्त करने की चर्चा की। वहीं, जिला प्रशासन ने सकारात्मक सहयोग करने का अनुरोध किया। धरना स्थल पर पूर्व विधायक राव वारिस भी पहुंचे और किसानों को संबोधित किया। धरने में गुड्डू बनत, शांता प्रधान, योगेंद्र पंवार, पुष्कर सैनी, एजाज खान बनत, आशीष चौधरी, मनोज तोमर, देवराज पहलवान, गय्यूर हसन, आरिफ, असजद तोमर, ब्रह्मपाल नाला, पप्पू भारसी, सद्दाम भाट्टू, अमरीश मलिक, अमरदीप लाठियान, लोकेंद्र ऊन, लाखन सिंह, बिट्टू ताना आदि मौजूद रहे।