कलक्ट्रेट में गांव भैंसवाल की महिला ने पट्टे की भूमि पर कथित रूप से अवैध रूप कब्जा कर गोशाला का निर्माण कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। इस दौरान महिला के पास केरोसिन होने का शोर मचने पर अधिकारियों में खलबली मच गई।
बुुधवार को गांव भैंसवाल निवासी सुदेश अपने पति तेजपाल और तीन लड़कियों के साथ कलक्ट्रेट पहुंची। महिला अपने साथ प्लास्टिक की कैन में कोई तरल पदार्थ लिए थी। इस दौरान शोर मच गया कि महिला अपने साथ प्लास्टिक की कैन में केरोसिन लिए हुए है। अधिकारियों तक यह बात पहुंची तो उनके निर्देश पर महिला पुलिसकर्मी पहुंची तो उसने शोर मचा दिया। जिससे कलक्ट्रेट में हंगामे की स्थिति बन गई। महिला पुलिसकर्मी पीड़िता को राज्य महिला आयोग की सदस्य डाक्टर प्रियंवदा तोमर के पास ले गईं। भूमि संबंधी मामला होने पर उन्होंने उसे डीएम अखिलेश सिंह के पास भेज दिया। इसके बाद महिला रोते हुए सभागार में पहुंची। आरोप लगाया कि लेखपाल ने उनकी पट्टे की जमीन को ग्राम समाज की बताकर कब्जा कर लिया और उनकी फसल को खुर्द-बुर्द कर उस पर गोशाला का निर्माण कराया जा रहा है। इससे उनके परिवार के सामने भूूखे मरने की नौबत आ गई। डीएम ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। महिला के पति तेजपाल ने बताया कि पट्टे का मामला कोर्ट में विचाराधीन है और उस पर स्टे मिला हुआ है। स्टे के बाद भी उनकी भूमि पर गौशाला निर्माण के लिए खुदाई करा दी गई। इस मामले में डीएम ने स्टे की जांच होने तक निर्माण कार्य रोकने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
भैंसवाल की महिला ने पट्टे की जमीन पर हाईकोर्ट का स्टे होना बताया है। एसडीएम से स्टे की जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने तक गौशाला का निर्माण कार्य रुकवा दिया है। - अखिलेश सिंह, डीएम।
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने पैमाइश कराकर पशुचर की भूमि को गौशाला के लिए चिह्नित किया है। अधिकारियों के निर्देशन में प्रशासन द्वारा चिह्नित भूमि पर गोशाला का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। गोशाला के लिए भूमि चयन करने में उनका कोई संबंध नहीं है। - नवीन कुमार, ग्राम प्रधान भैंसवाल।