शामली। गुजरात से आए युवा संत सुमित कृष्ण ठाकुर ने श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि श्री कृष्ण माया से परे हैं और उन पर माया का कोई प्रभाव नही पड़ता। श्री कृष्ण परिपूर्ण योगी हैं, उनको कोई बंधन में नहीं बांध सकता। भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों और राधा रानी का अभिमान नहीं रहने दिया। भगवान तो निर्मल हदय में वास करते है। भगवान का मन निर्मल है। जिसका मन निर्मल है, भगवान का वहां निवास है।
शनिवार को श्री मंदिर हनुमान धाम प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह व ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन गुजरात से आए युवा संत सुमित कृष्ण ठाकुर ने कहा कि जीव का मन निर्मल होगा तो भगवान पीछे-पीछे दौड़े चले आएंगे। महाराज श्री ने कहा कि जीव को किसी भी वस्तु का अभिमान नहीं करना चाहिए। जीव को केवल प्रेम ही प्रेम होना चाहिए। प्रेम ही भगवान के मिलने का सही रास्ता है। जीव को दूसरों के गुण देखनी चाहिए, अपितु अवगुणों से परहेज करना होगा। श्रीमद्ध कथा में मुख्य अतिथि शामली नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल मौजूद रहे। इस मौके पर हवन- यज्ञ विधि विधान के साथ संपन्न हुआ। श्रीमद्भागवत कथा में अतिथियों को महाराज श्री ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्य यजमान इंद्रसेन संगल-अरुणा गुप्ता रहे। कथा का संचालन डा. कृष्णगोपाल ने किया। महाआरती प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर इंद्रसेन गुप्ता, संजय धीमान, नवीन संगल, रोबिन गर्ग, रश्मि गर्ग, नरेंद्र धीमान, महेश धीमान, संजय गोयल, सोनिया गोयल आदि मौजूद रहे।