संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। यमुना पर बन रहे फोरलेन पुल का निर्माण पूरा होने को है। पुल की एक साइड पर तारकोल की काली सड़क बनकर तैयार है। एप्रोच रोड भी बन चुकी है। हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर पैदल हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली जाने वाले शिवभक्तों के लिए नए फोरलेन पुल की एक साइड खोलने की तैयारी चल रही है।
यमुना पर 60 के दशक में करीब 50 लाख रुपये की लागत से 510 मीटर लंबा पुल बनाया गया था। यह पुल अब जर्जर हो चुका था। सितंबर 2020 से पानीपत के सिवाह से नगीना तक एनएच 709 एडी का निर्माण जीआर इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। निर्माण एजेंसी द्वारा यमुना पर पुराने पुल के बराबर में ही 510 मीटर लंबा फोरलेन पुल बनाया जा रहा है। यह लगभग तैयार हो चुका है। यह पुल 32 फिट चौड़ा है, इसकी एक साइड 16 फिट की है। इसमें तीन फीट का फुटपाथ होगा। इस तरह से एक साइड में 13 फिट की सड़क पर वाहन दौड़ेंगे। 12-12 पिलर पर पुल बनाया गया है। पुल के दोनों साइड अप्रोच रोड भी लगभग तैयार है। पुल की एक साइड तारकोल की काली सड़क भी बन गई है। अब इंतजार केवल पुल के चालू होने का है। 14 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। प्रशासन पुल की तैयार हुई एक साइड को पैदल जाने वाले कांवड़ियों के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है। जीआर इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर वरुण धवन व प्रोजेक्ट मैनेजर जीतू राज ने बताया कि पुल की एक साइड एक-दो दिन में पूरी तरह तैयार हो जाएगी। इसके बाद पैदल जाने वाले कांवड़ियों के लिए पुल की एक साइड खोल दी जाएगी।