शामली। घर के आंगन में चूल्हा चौका करने वाली महिलाएं आज स्वावलंबन की राह पर अग्रसर है। महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल स्वरोजगार से जुड़ रही है बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी जगा है। समूह से जुड़ी महिलाएं खुद आत्मनिर्भर होने के साथ दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही हैं।
मेहनत और लगन की बदौलत महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। महिलाएं समूह से लोन लेकर स्वरोजगार का अलग-अलग व्यवस्था करने में जुटी है। गांव तलवा माजरा में प्रतिभा और शकुंतला ने लड्डू के डिब्बे तैयार करते हुए परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत कर रही हैं। गांव खानपुर की महिला ममता ने गांव में ही स्वयं सहायता समूह से जुड़ते हुए लोन लेकर चक्की लगाई। आज उनकी चक्की पर तैयार होने वाले मसाले क्षेत्र में खूब पसंद किए जा रहे हैं। यह मसाले की पैकिंग करते हुए अलग-अलग स्थान पर उनकी सप्लाई भी करती हैं। क्षेत्र की कई अन्य महिलाएं इनके साथ जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं हैं जबकि कई को इनसे प्रेरणा भी मिल रही है। जिस कारण अब स्वयं सहायता समूह में महिला सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं।
स्वयं सहायता समूह की महिला ममता.