शामली। उत्तर प्रदेश शासन ने शामली बाईपास की जद में आने वाले किसानों के संशोधित मुआवजा रेट को स्वीकार कर लिया है। जिला मुख्यालय पर संशोधित मुआवजा सूची के बाद राजस्व और उपशा (उत्तर प्रदेश राज्य राज मार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों ने पैमाइश शुरू कर दी है। एसडीएम सदर के अवकाश से लौटने के बाद बैनामों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग के शामली बाईपास की जद में शामली, बनत, सिंभालका, बलवा, सेहटा गांव के किसानों की भूमि आ रही है। बाईपास में 85 प्रतिशत से ज्यादा भूमि खरीदने का काम पूूरा हो चुका है। सिंभालका, सेहटा, बनत, बलवा गांव के 17 किसानों ने जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित मुआवजा मूल्य पर बैनामा कराने से इनकार कर दिया था।
डीएम सुजीत कुमार और उपशा के अधिकारियों ने जांच समिति गठित कर किसानों की मौके पर जांच कर दोबारा मुआवजा संशोधित सूची तलब की थी। पांच सितंबर को डीएम ने उपशा अधिकारियों के माध्यम से शासन को संशोधित मुआवजा सूची भेज दी थी। उत्तर प्रदेश राज्य राज मार्ग प्राधिकरण सदस्य एसके गुप्ता ने डीएम की संशोधित मुआवजा सूची को 15 दिसंबर को स्वीकार कर लिया और डीएम को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
उपशा के अवर अभियंता यूडी शर्मा ने बताया कि बाईपास की जद के किसानों की भूमि के कुल 205 बैनामों में से 147 बैनामे हो पाए हैं। 31 बैनामों की भूमि की संशोधित मुआवजा सूची की स्वीकृति प्राप्त हो पाई है। एसडीएम सदर एमपी सिंह के अवकाश से लौटने के बाद संशोधित सूची के बैनामे शुरू कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बनत के किसानों ने प्लाटिंग कर दी थी। प्लाट पर काबिज लोग आवासीय भूमि का मुआवजा मांग रहे हैं, यदि वह मुआवजा पर प्लाट काबिज लोग सहमत हुए तो बैनामा कराया जाएगा। बैनामा न कराने वालों को सूची शासन को भेजी जाएगी।