शामली में पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद आठवें दिन भी माहौल सामान्य नहीं हुआ। बैक शाखाओं और एटीएम के बाहर सुबह से ही ग्राहकों की भारी भीड़ जुट गई। लोग लाइन लगाकर नोट बदलने और निकालने में लगे रहे। बैंक और एटीएम में कैश की किल्लत भी कम नहीं हुई, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
बृहस्पतिवार को भी सुबह सात बजे से ही बैंक शाखाओं और एटीएम के बाहर लोग जुटने लगे थे। एमएसके रोड स्थित एसबीआई शाखा पर सर्वाधिक भीड़ देखने को मिली। इसके अलावा मार्शगंज मंडी और पालिका मार्केट स्थित पीएनबी शाखा में भी काफी भीड़ रही।
वहीं, धीमानपुरा और भिक्की मोड़ स्थित बैंक शाखाओं पर कैश की किल्लत के कारण ग्राहकों को मायूस होकर लौटना पड़ा, तो बुढ़ाना रोड स्थित बैंक शाखाओं पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। उधर, कलक्ट्रेट स्थित एसबीआई शाखा में भी दिनभर लाइन लगी रही।
लीड बैंक मैनेजर हरपाल सिंह तोमर का कहना है कि आरबीआई से बैंक शाखाओं में करेंसी भेजी जा रही है, जितनी करेंसी पहुंच रही है, उससे कहीं ज्यादा ग्राहक रुपये निकालने और नोट बदलने पहुंच रहे हैं।
केंद्र सरकार ने आदेश दिया था कि बैंकों पर रुपये निकालने और नोट बदलने वाले बार बार आ रहे हैं, जिससे अव्यवस्था फैल रही है। इसको कम करने के उद्देश्य से ग्राहकों की अंगुली पर स्याही लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन बैंक शाखाओं में उक्त स्याही पहुंच ही नहीं सकी।
सिर्फ एसबीआई शाखाओं में लगी स्याही
जिले में एसबीआई की 14 शाखाओं में जरूर वह स्याही पहुंची, जहां इसका इस्तेमाल कराया गया। इसके अलावा अन्य बैंक शाखाओं में बगैर स्याही के ही ट्रांजक्शन हुआ। लीड बैंक मैनेजर हरपाल सिंह तोमर ने जिलाधिकारी सुजीत कुमार से मुलाकात कर निर्वाचन कार्यालय में आने वाली स्याही की डिमांड की, लेकिन जिलाधिकारी ने कह दिया कि चुनाव आयोग ने स्याही न देने का निर्देश दिया है, जिस कारण स्याही नहीं दी जाएगी।