शामली। बॉयोमैट्रिक हाजिरी लगाने के विरोध में सोमवार को जिले की फील्ड स्वास्थ्य कर्मचारी और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सीएमओ ऑफिस के सामने धरने पर बैठ गईं। इस दौरान सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी।
जिले में स्वास्थ्य विभाग में बॉयोमैट्रिक हाजिरी व्यवस्था लागू की गई है। जिसके बाद डाक्टर तथा सीएचसी पर तैनात सभी कर्मी अपनी उपस्थिति बॉयोमैट्रिक से लगा रहे हैं। जिनकी उपस्थिति बॉयोमैट्रिक से नहीं लगी, उनकी पिछले माह डीएम के आदेश पर उनकी तनख्वाह रोक दी गई। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने सभी कर्मचारियों की उपस्थिति बॉयोमैट्रिक से लगवाने के निर्देश दिए।
पांच दिन पूर्व महिला स्वास्थ्य कर्मचारी जिनमें फील्ड स्वास्थ्य कर्मचारी और स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों ने सीएमओ डॉ. राजकुमार से मिलकर अपनी समस्या बताते हुए फील्ड कर्मचारी होने के नाते बॉयोमैट्रिक हाजिरी से उनको छूट दी जाए, क्योंकि वह सुबह ही फील्ड में निकल जाती है।
जिस पर सीएमओ ने बॉयोमैट्रिक लगाने की बात कही थी। सोमवार को सभी फील्ड स्वास्थ्य कर्मचारी व स्वास्थ्य परिवेक्षक मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष लोकेश चौधरी के नेतृत्व में सीएमओ ऑफिस पर पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। फील्ड स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की तथा चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो हड़ताल की जाएगी।
इस दौरान सीएमओ डॉ. राजकुमार, एसीएमओ डॉ. सफल कुमार, एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार, एसीएमओ डॉ. अशोक हांड़ा ने सभी फील्ड स्वास्थ्य कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया तथा कहा कि बॉयोमैट्रिक पर हाजिरी अब सभी की नौकरी का हिस्सा बन गई है। इसलिए बॉयोमैट्रिक पर हाजिरी जरूरी है, लेकिन धरने पर बैठी फील्ड स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं मानी।
इस दौरान अध्यक्ष लोकेश चौधरी ने कहा कि यदि बॉयोमैट्रिक हाजिरी जरूरी है तो ड्यूटी का समय आठ से 12.30 तक कर दिया जाए और इसके लिखित आदेश दिए जाए, ताकि दो बजे तक मुख्यालय पर आकर हाजिरी लगा सके। अनिश्चित समय तक यह धरना और हड़ताल ड्यूटी टाइम पर जारी रहेगी। मौके पर मुख्य रूप से शामिल होने वालों में जिला महामंत्री ऊषा मलिक, विमलेश, परमेश्वरी, कमलेश रानी, ओमवीरी, अमरेश विमला, सरोज आदि मौजूद रहीं।