शामली में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि अति पिछड़े और दलितों का प्रदेश में उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने लंबे समय तक पिछड़े वर्गों के हित में कार्य किए, लेकिन साजिश के तहत उन्हें जेल भिजवा दिया गया।
जन अधिकार मंच के तत्वावधान में जन संपर्क यात्रा लेकर निकले पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा बुधवार को मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए शामली पहुंचे। यहां माजरा रोड पर देव गार्डन में फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया। कहा कि जितने भी पीड़ित वर्ग हैं, वह एक मंच पर आकर आबादी के हिसाब से प्रदेश की शासन सत्ता के जन अधिकार मंच के माध्यम से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
मैंने 32 साल तक बसपा में रहकर शोषित वर्ग के हित में कार्य किए। जब हमने पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को जिला पंचायत, डीसीबी, नगर पालिका से लेकर तमाम सरकारी बोर्ड में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने का काम किया, तो हमें सियासत के रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। लखनऊ में परिवार कल्याण विभाग के दो सीएमओ की हत्या करा दी गई और मुझसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने को कहा गया। दबाव बनाकर मेरा इस्तीफा लिया गया।
जब मैंने ही हत्यारों को पकड़ने की मांग उठाई, तो एनआरएचएम घोटाला चिल्लाकर सीएमओ की हत्या का केस दबा दिया गया। फिर उन्हें बेकसूर होते हुए जेल भेज दिया गया। चार साल जेल में रहने के दौरान समाज के लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया।
्रकुशवाहा ने कहा कि पिछड़ों की आबादी 54 प्रतिशत है, लेकिन उन्हें आरक्षण सिर्फ 27 प्रतिशत ही मिल रहा है। मांग है कि पिछड़ों को आबादी के हिसाब से 54 प्रतिशत आरक्षण दिलाया जाए। इस दौरान नरेश सैनी, रामनाथ सैनी, डॉ. राजकुमार सैनी, लालाराम सैनी, मिन्टू सैनी, योगेंद्र रुहेला, श्याम सुंदर वर्मा, गंगाराम आदि रहे।