बबली ने बिगाड़ा सपा-रालोद का गणित
शामली। जिला पंचायत सदस्य के वार्ड आठ से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीतकर आईं बबली ने सपा-रालोद गठबंधन का गणित बिगाड़ दिया। राकेश ने पहले रालोद की सदस्यता ग्रहण की, लेकिन पत्नी बबली को प्रत्याशी घोषित नहीं करने से नाराज होकर भाजपा नेताओं के पास चले गए। इसी एक वोट को खोने का खामियाजा सपा-रालोद गठबंधन को भुगतना पड़ा और भाजपा प्रत्याशी एक वोट से जीत गई।
19 सदस्यों की जिला पंचायत में जीत के लिए दस वोटों की जरूरत होती है। भाजपा को दस और सपा-रालोद प्रत्याशी को नौ वोट मिले हैं। एक वोट की चोट सपा-रालोद गठबंधन पर भारी पड़ गई। यदि वार्ड आठ से जीती बबली पत्नी राकेश उनके साथ होती तो शायद गठबंधन प्रत्याशी को हार का मुंह न देखना पड़ता। राकेश ने नामांकन से पहले दिल्ली में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी से मिलकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद जिला कार्यालय पर वह बैठक में शामिल हुए। राकेश को उम्मीद थी कि रालोद से उनकी पत्नी को प्रत्याशी बनाया जाएगा, लेकिन गठबंधन ने अंजलि को अपनी प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसके अगले दिन ही राकेश ने रालोद से दूरी बना ली। वह भाजपा खेमे में चले गए। इससे पहले वह सपा मुखिया अखिलेश यादव से भी मिले थे और भाजपा नेताओं के भी संपर्क में थे। कहीं से अध्यक्ष के चुनाव के लिए समर्थन नहीं मिलने पर वह आखिरकार भाजपाई खेमे में चले गए। शनिवार को मतदान के दौरान उनकी पत्नी बबली भाजपा खेमे के साथ वोट डालने कलक्ट्रेट पहुंची थीं।
जीत के बाद भावुक हुईं मधु
शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतने के बाद प्रमाण पत्र लेकर बाहर निकली मधु भावुक हो गईं। उनकी प्राथमिकताओं के बारे में पूछने पर वह दुपट्टे में मुंह छिपाकर आंसू पोंछने लगी। बाद में गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार के विकास कार्यों को देखकर ही उन्हें समर्थन मिला है। बीते वर्षों में शामली जनपद में विकास की गंगा बही है। आगे भी खूब विकास कार्य कराए जाएंगे।