बाइक के पहिये में उलझा दुपट्टा गले में फंसने से एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत हो गई। महिला बीए की परीक्षा देकर बाइक पर देवर के साथ घर लौट रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
बाबरी थानाक्षेत्र के गांव रायपुर निवासी अमरीता (37) पत्नी सुनील कुमार गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। परिजनों के मुताबिक अमरीता बीए प्रथम वर्ष की प्राइवेट परीक्षा दे रही थी। शनिवार सुबह वह अपने देवर अनुज के साथ बाइक से कस्बा झिंझाना के निकट जमालपुर रोड स्थित कालेज में परीक्षा देने गई थी। परीक्षा देने के बाद वह बाइक से लौट रही थी। करीब साढ़े दस बजे जब शामली में नवीन मंडी के निकट पहुंचे तो उसी समय अमरीता का दुपट्टा बाइक के पहिये में उलझ गया। दुपट्टा उलझते ही अमरीता बाइक से गिर गई और गले में फंसे दुपट्टे के साथ कुछ दूर तक घिसटती चली गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। आदर्श मंडी थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा।
मृतका के पहने जेवर को लेकर बनी भ्रम की स्थिति
शामली। चलती बाइक पर दुपट्टा फंसने से महिला की मौत के मामले में उसके पहने हुए जेवर को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। पोस्टमार्टम हाउस पर बाद में पहुंचे परिजनों ने बताया कि मृतका के पहने हुए गहने न मिलने पर गायब होने का शक जताया। परिजनों का कहना था कि कुंडल, अंगूठी, पायजेब, चुकटी और गले में चेन पहने थी। आदर्श मंडी थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की गई तो सभी गहने उनके एक परिजन के पास मिल गए हैं। मृतका के जेवर अस्पताल में परिजनों द्वारा निकाल लिए गए थे, जिसकी जानकारी उस समय तक अन्य परिजनों को नहीं थी।
दुपहिया वाहन पर ऐसे संभलकर चलें
- दुपहिया वाहन पर चलते समय दुपट्टे, शॉल व साड़ी आदि को संभालकर रखें।
- अचानक ब्रेक लगने या गड्ढे में उछलकर गिरने का खतरा रहता है, इसके लिए सतर्क रहें।
- पीछे बैठकर चलते समय हाथ में भारी बैग या अन्य कोई सामान नहीं रखना चाहिए।
- दुपहिया वाहन चलाते समय बातचीत नहीं करनी चाहिए, ध्यान भटकने से हादसे होने का खतरा हो सकता है।
- दुपहिया वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात या कानों में लीड लगाकर नहीं चलना चाहिए।