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जागरूकता ने रोकी मलेरिया, डेंगू की रफ्तार

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जागरूकता ने रोकी मलेरिया, डेंगू की रफ्तार
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शामली। जिले में इस साल अब तक डेंगू का कोई केस सामने नहीं आया है। मलेरिया के मरीजों में भी कमी आई है। इसकी वजह कोरोना महामारी के दौरान लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के साथ सफाई का ध्यान रखा जाना बताया गया है।
जिले में कोराना काल से पहले के वर्षों में मलेरिया और डेंगू बुखार का प्रकोप ज्यादा रहा है। छह साल पहले 2016 में स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में मलेरिया के 510 और डेंगू बुखार के 10 केस सामने आए थे। इसके बाद से मलेरिया व डेंगू के बुखार में कमी आती चली गई। पिछले साल से कोरोना महामारी के दौरान तो मलेरिया व डेंगू के बुखार के केस में काफी कमी आई हैं। 2019 में मलेरिया के 97 व डेंगू के आठ केस दर्ज किए गए। पिछले साल 2020 में मलेरिया के आधे से भी कम 38 मरीज सामने आए थे, जबकि डेंगू की संख्या बराबर रही थी। इस साल मई तक मलेरिया के 21 मामले ही सामने आए हैं, जबकि डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। चिकित्सकों का कहना है कि मलेरिया और डेंगू के केस कम होने की वजह कोरोना महामारी के दौरान लोगों की स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना व सफाई का ध्यान रखा जाना है।
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बुखार से बचाव को ये बरतें सावधानी
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
- अपने आसपास पानी जमा न होने दें।
- कूलर का पानी सप्ताह में जरूर बदलें।
- छतों पर गमले व पुराने टायर आदि में पानी जमा न होने दें।
- घर व आसपास सफाई रखें।
- बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
पिछले सालों में मलेरिया व डेंगू की स्थिति
साल जांच मलेरिया डेंगू
2016 44478 510 10
2017 36645 268 05
2018 25054 143 14
2019 25124 97 08
2020 24778 38 08
2021 10325 21 00 (मई तक)
पिछले कुछ साल से मलेरिया व डेंगू बुखार के मामले कम हुए हैं। कोरोना महामारी के दौरान तो इन मामलों में काफी कमी आई है। इसकी वजह लोगों का स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना, सफाई रखना, गांव व शहरों में सैनिटाइजेशन व समय-समय पर एंटी लार्वा का छिड़काव आदि होना है।
- डॉ. विनय कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी।
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