झिंझाना। गांव याहियापुर में किसान द्वारा आत्महत्या करने के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में उसका अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। मंगलवार को वह बोगी में उपले व किसान का शव लेकर कलक्ट्रेट की ओर से चल दिए।
रास्ते में सीडीओ वीके सिंह व एडिशनल एसपी ने भाकियू कार्यकर्ताओं को रोका। इस दौरान भाकियू के नरेश टिकैत के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की वार्ता हुई। जहां उन्होंने मृतक किसान को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने व जमीन को लेकर प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट में पैरवी करने की मांग की। इस पर डीएम ने आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
गांव याहियापुर निवासी किसान गुरतार सिंह ने सोमवार की सुबह बिजली का तार पकड़ कर आत्म हत्या कर ली थी, जिसका आरोप मृतक के पिता ने शासन प्रशासन पर लगाया था। किसान का 21 बीघा जमीन को गलत तरीके से नीलाम करने के मामले को लेकर विवाद चल रहा था। किसान की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों व भाकियूू नेताओं ने दाह संस्कार कलक्ट्रेट पर किए जाने की चेतावनी दी थी।
मंगलवार को सुबह के समय भाकियू के नरेश टिकैत भी गांव में पहुंच गए। यहां से ग्रामीण व भाकियू नेता किसान का शव लेकर कलक्ट्रेट के लिए चल दिए। ग्रामीणों के कलक्ट्रेट की ओर से कूच करने के सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद सीडीओ वीके सिंह व एडिशनल एसपी वीके मिश्र गांव में पहुंचे। जहां रास्ते में उन्हें ग्रामीणों व भाकियू नेताओं का काफिला शव के साथ मिला।
सीडीओ ने बताया कि भाकियू नेताओं को वार्ता कर मनाया, जहां भाकियू नेताओं ने मृतक किसान के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक सहायता, जमीन के विवाद के लिए प्रशासन द्वारा पैरवी तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। जिस पर सीडीओ ने नरेश टिकैत की बात डीएम से कराई।
डीएम ने आश्वासन देते मृतक किसान के परिजनों को 50 लाख रुपये दिए जाने की संस्तूति के लिए शासन को पत्र भेजने की बात कही। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद भाकियू नेताओं ने कलक्ट्रेट में किसान का अंतिम संस्कार करने का निर्णय बदल दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। देर रात तक शव पोस्टमार्टम से नहीं आ सका। उधर, चंदन सिंह की तहरीर पर जमीन की नीलामी लेने वाले मंजीत व देवेंद्र निवासी कमालपुर हाल निवासी खेड़ी जुनारदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।