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कोरोना मरीज बढ़ने साथ कम पड़ती गईं व्यवस्थाएं

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शामली। जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं कम पड़ती गई। स्वास्थ्य विभाग जितनी तैयारी करता पाया, उससे ज्यादा कोरोना के मरीज बढ़ते गए। जनपद में अब तक 325 केस कोरोना पॉजिटिव के आ चुके हैं, जिनमें 119 केस एक्टिव चल रहे हैं।
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जनपद में सबसे पहला कोरोना पॉजिटिव केस 23 मार्च को आया था। कस्बा कैराना निवासी युवक दुबई से घर लौटा था। सहारनपुर मंडल के लिए भी यह पहला केस था। जनपद में उस समय छह बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया था। कोरोना पॉजिटिव युवक को आइसोलेशन वार्ड में रखकर उपचार किया गया था। इसके बाद कोरोना संक्रमित केस आने शुरू हुए तो आइसोलेशन वार्ड में बेड कम पड़ गए। स्वास्थ्य विभाग ने निर्माणाधीन जिला संयुक्त चिकित्सालय को पहले 100 बेड का बाद में 150 बेड का क्वारंटीन सेंटर बनाया। आइसोलेशन वार्ड से मरीजों को क्वारंटीन वार्ड में शिफ्ट किया जाने लगा। इसके बाद जब मरीजों की संख्या और बढ़ी तो झिंझाना सीएचसी में 30 बेड का कोविड-19 एल वन अस्पताल तैयार किया गया। यहां भी बेड कम पड़े तो इसे बढ़ाकर 50 बेड का बनाया गया। मरीजों की संख्या इसके पार पहुंचने लगी तो झिंझाना के निजी स्कूल में 100 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया गया।
सीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ने से शौचालय के पाइप चोक हो गए। यह समस्या सामने आने पर कोविड अस्पताल को निजी स्कूल में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करना पड़ा। इसी के साथ ही शामली में भी एक कालेज में 100 बेड का कोविड केयर सेंटर तैयार किया गया है। इस तरह से देखा जाए तो कोरोना संक्रमितों की संख्या के मुकाबले स्वास्थ्य विभाग के पूर्व में किए गए इंतजाम कम पड़ते गए। मरीजों की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग को भी व्यवस्थाओं में बदलाव करता चला आ रहा है।
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कोरोना मरीजों को नहीं मिलता काढ़ा और च्यवनप्राश
शामली। कोविड अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों को इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश और काढ़ा नहीं दिया जाता। सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि कोविड अस्पताल में भर्ती एक मरीज के लिए 100 रुपये प्रतिदिन का बजट शासन की तरफ से स्वीकृत है। इस बजट में कोविड अस्पताल के मरीजों के लिए सुबह को नाश्ते में पराठे और चाय, दोपहर और शाम को खाना दिया जाता है। खाने में दाल, सब्जी, चावल और चपाती दी जाती है। तीसरे पहर शाम करीब पांच बजे चाय दी जाती है। इसी तरह से क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले व्यक्ति के लिए 76 रुपये का बजट निर्धारित है। अगर किसी संस्था या संगठन द्वारा च्यवनप्राश आदि उपलब्ध कराया जाता है तो उसे मरीजों को वितरित कर दिया जाता है।
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कोरोना मरीजों के लिए वर्तमान में व्यवस्थाएं
सीएचसी झिंझाना में कोविड अस्पताल एल-वन : 50 बेड
झिंझाना में निजी स्कूल में कोविड केयर सेंटर : 100 बेड
जिला संयुक्त चिकित्सालय में क्वारंटीन सेंटर : 150 बेड
सीएचसी शामली में आइसोलेशन वार्ड : 06 बेड
शामली के कालेज में कोविड केयर सेंटर : 100 बेड
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