शामली। बलवा बाईपास के ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइन बदलने के लिए आखिरकार पावर काॅरपोरेशन विभाग की ओर से शटडाउन एनएचएआई को मिल गया है। आगामी 26 से लेकर 30 अक्तूबर तक रेलवे के ब्लाॅक के दौरान बिजली के 14 खंभों पर लाइन खींची जाएगी। एक नवंबर के बाद बिजली की हाइटेंशन लाइन खींचने के बाद बलवा उपरिगामी पुल और एप्रोच रोड का लेपन कार्य पूरा होगा।
दिल्ली-शामली सहारनपुर का शामली बाईपास बनकर तैयार हो चुका है। बलवा उपरिगामी पुल के पास बाईपास के ऊपर से 400 केवी की बिजली की हाईटेंशन लाइन गुजरने से बाईपास का एप्रोच रोड और रेलवे का पुल का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन से एनएचएआई के अधिकारियों ने बिजली के खंंभे की फाउंडेशन तैयार करने के लिए अनुमति मांगी थी। बाद में खंभों में तार खीचने के लिए शुल्क जमाकर शटडाउन मांगा था।
एनएचएआई की ओर से एक करोड़ 62 लाख रुपये की धनराशि विभाग के खाते में भी जमा कराई जा चुकी है। निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र बालियान ने बताया कि 26 से लेकर 30 अक्तूबर तक रेलवे का ब्लाॅक लिया गया है। पांच दिन में ब्लाॅक लेकर 14 बिजली के खंभों में तार लाइन खींची जाएगी। एक नवंबर के बाद बाईपास और बलवा रेलवे पुल की एप्रोच रोड का निर्माण कार्य शुरू होगा। आगामी 15 दिसंबर तक बलवा रेलवे उपरिगामी पुल और एप्रोच रोड का ताॅरकाल लेपन कार्य पूरा हो जाएगा।