बेटी है कुदरत का उपहार, पढ़ने, आगे बढ़ने का दो अधिकार
शामली। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत बीएसएम स्कूल में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने अपने मन के भाव चित्रों पर उकेरे। चित्रों के माध्यम से बताया कि बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं।
प्रतियोगिता में बुशरा ,रितिका और अनु ने बाजी मारी। एसपी अजय कुमार ने छात्राओं को फाइव एप्पल सफलता का मंत्र दिया। कार्यक्रम में स्कूल की छात्राओं ने अपराजिता 100 मिलियन स्माइल, बेटियां किसी से कम नहीं विषय पर पेंटिंग बनाई। उन्होंने अपने मन के भावों को पेंटिंग पर उकेरा और बेटियों को पढ़ाने, लिखाने और आगे बढ़ाने का संदेश दिया। बताया कि आज बेटियां किसी मायने में बेटों से पीछे नहीं हैं। छात्रा प्रियांशी, राशि, सुरभी, जिया, रिया, प्रियांशी, मालवी, मानवी, यशिका अभय, रजत, शिवम ने सरस्वती वंदना की। बैंड पर संजय श्रीवास्तव, जिया बुशरा, अबुल हसन रहे। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक छाया सिंह के अलावा प्रधानाचार्य राजकुमार धीमान का सहयोग रहा।
दांतों की देखभाल जरूरी -डॉक्टर दिव्या
कार्यक्रम में दंत चिकित्सक डॉक्टर दिव्या जिंदल ने बताया कि दांतों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। चॉकलेट, टॉफी खाने के बाद दांतों की सफाई बहुत जरूरी है। दांतों की सफाई ऊपर से नीचे की ओर करनी चाहिए।
मन मजबूत होगा तभी मुकाबला कर सकोगी- कोमल सिंह
ताइक्वांडो कोच कोमल सिंह ने कहा कि ताइक्वांडो, जूडो सीखने का तभी लाभ है जब आप मन से भी मजबूत बनो। यदि आप शरीर से मजबूत हैं, ताइक्वांडो भी आता है, लेकिन मन में डर और झिझक होगी तो सामने वाले का मुकाबला कैसे करोगी। इसलिए झिझक छोड़ मन से मजबूत बनना जरूरी है।
योग भी करें छात्राएं : कुमुद शर्मा
योगाचार्या कुदुम शर्मा ने कहा कि बेटियों पर पढ़ाई के साथ घर का काम भी करने की जिम्मेदारी होती है। इसलिए बेटियां योग भी करें। इससे मन एकाग्र होने के साथ तनाव से भी मुक्ति मिलती है। घर में ही ताडासन आदि कई योग हैं, जिन्हें करने से काफी आराम मिलेगा।
सकारात्मक परिणाम आएंगे -सूर्यवीर सिंह
बीएसएम स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह ने कहा कि अमर उजाला का अपराजिता अभियान बेटियों को ताकत दे रहा है। उन्हें अंदर से मजबूत बनाने की ये मुहिम है इसके आने वाले समय में अच्छे परिणाम आएंगे। बेटियां झिझक छोड़ गलत का विरोध करना सीख जाएं तो महिला उत्पीड़न के अपराध खुद ही कंट्रोल हो जाएगा।
विजेताओं को एसपी ने किया सम्मानित
शामली। प्रतियोगिता की निर्णायक डॉक्टर दिव्या जिंदल ने विजेताओं का चयन किया। प्रथम स्थान कक्षा नौ की छात्रा जिया बुशरा को मिला। दूसरे स्थान पर कक्षा 12 की रितिका और तीसरे स्थान पर कक्षा 11 की छात्रा अनु निर्वाल रही। उन्होंने अपने चित्र में बेटियों को बंधन से मुक्त कर आगे बढ़ने का अधिकार देने का संदेश दिया था। एसपी अजय कुमार ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
बेटी है तो कल है ,बेटी है तो संसार में मां है
बुशरा ने अपनी पेंटिंग में लिखा कि बेटी है तो कल है। यदि बेटी है तो संसार में मां है, बहन है। इसके अलावा कक्षा 10 की छात्रा रुपनंदनी ने लिखा कि बेटी है कुदरत का उपहार, पढ़ने लिखने का दो अधिकार । तनिशा चौहान ने पेंटिंग से समाज से सवाल किया कि बताया कि मां चाहिए , बहू चाहिए, पत्नी चाहिए, बहन चाहिए तो बेटी क्यों नहीं चाहिए।
एसपी ने फाइव एप्पल से दिया सफलता का मंत्र
एसपी अजय कुमार ने छात्राओं को फाइव एप्पल के माध्यम से सफलता का मंत्र दिया। कहा कि यदि वे इस पर चलेंगे तो कामयाबी से कोई नहीं रोक सकता। वे भी इसी तरह यहां तक पहुंचे हैं। एसपी ने बाद में छात्राओं को बुलाकर इनके बारे में उनसे पूछा। सभी छात्राओं ने बेहतर जवाब दिया। एसपी ने कहा कि बेटियों को गलत बातों का विरोध करना चाहिए। यदि कुछ गलत हो रहा है तो अपनी मम्मी से बात शेयर जरूर करें।
एसपी का फाइल एप्पल का मंत्र
एफ - फोकस - एकाग्रता
आई - इंटीग्रिटी ईमानदारी
वी - विजन दूरगामी
ई - एनर्जी ऊर्जा
ए - एटीट्यूट सकारात्मक सोच
पी पेशन दूरगामी लक्ष्य
पी प्लानिंग योजनाबद्ध कार्य
एल- लीडरशिप नेतृत्व
ई एक्सट्रा वर्क अतिरिक्त काम
एस सेनर्जी टीम भावना