फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपराजिता...‘रिश्तों में सही संवाद बेहद जरूरी’

विज्ञापन
शामली अपराजिता व जैन संगठना द्वारा आयोजित ऑनलाइन वर्कशाप में बेटियो को जानकारी देती डॉ रितू जैन - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
शामली। अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100-मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित कार्यशाला में बेटियों को रिश्ते और संवाद विषय पर जानकारी दी गई।
विज्ञापन

राष्ट्रीय सेवा योजना और भारतीय जैन संगठनों द्वारा आत्मनिर्भर भारत और बालिका कौशल विकास के लिए चल रही कार्यशाला के दूसरे दिन संयोजिका और शिक्षिका भारतीय जैन संघटना डॉ रितु जैन ने प्रतिभागियों को बताया कि जब आपके जीवन में नए-नए रिश्ते आते हैं तो उन रिश्तों को निभाते समय सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। जरा सी असावधानी आपके जीवन पर भारी पड़ सकती है। आपको सही रिश्तों का चयन करना और चुने गए रिश्तों में सही तरीके से संवाद स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षका ने बताया कि रिश्ते बनाए बहुत जल्दी जा सकते हैं लेकिन उन्हें निभाना संवाद पर ही निर्भर करता है। जिला नोडल अधिकारी डॉ अजय बाबू शर्मा ने बेटियों को जीवन में आगे बढ़ने के मंत्र दिए। उन्होंने बताया की आपको हमेशा प्रयास करते रहना चाहिए। सफलता और असफलता आपके किए गए प्रयास पर निर्भर होती है, क्योंकि हर असफलता आपको सफलता के लिए प्रेरित करती है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवात योजना के सह जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र कुमार ने किया।
--------------
कार्यशाला में शामिल होकर जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानने का मौका मिल रहा है। यहां से मिली जानकारी जीवन में बहुत काम आने वाली है।
- प्रशस्ति जैन
-----------
कार्यशाला के दूसरे दिन संवाद के बारे में जाना। जीवन में बेहतर संवाद का कितना महत्व है इसका पता लगा। अच्छे संवाद से हम रिश्तों को मजबूत बनाए रख सकते हैं। - उन्नति जैन।
विज्ञापन

-------------
अमर उजाला, जैन संघटना और राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रयास से लड़कियों को जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को जानने का मौका मिल रहा है। कार्यशाला से मिली जानकारी को जीवन में शामिल करने का पूरा प्रयास करूंगी। - प्रिया।
विज्ञापन

---------------
कार्यशाला से एक दूसरे से संवाद के तरीके एवं रिश्तों को बेहतर ढंग से निभाने की जानकारी मिली जो जीवन में बहुत काम आने वाली है। - इकरा खान।
-----------
कार्यशाला को लेकर मैं बहुत उत्सुक थी। हमें आत्म जागरूकता के बारे में बताया गया। इसके लिए जरूरी है कि व्यक्ति अपनी कमजोरियों तथा क्षमताओं से परिचित हो। स्वयं को पहचानने और समझने के लिए प्रेरित किया गया। यह ज्ञान जिंदगी के हर पड़ाव में काम आएगा। - मानसी लाल।

अपराजिता ... प्रशस्ति जैन- फोटो : SHAMLI

अपराजिता ... उन्नती जैन- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें