थाना आदर्श मंडी पुलिस ने रिक्शा सवारियों से लूटपाट करने वाले अंतर जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक सप्ताह पहले ग्रामीण से लूटे गए रुपये, आधार कार्ड और फोटो बरामद किए।
शनिवार को एसपी अजय कुमार ने आदर्श मंडी थाने पर प्रेसवार्ता में बताया कि आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव टिटौली निवासी दिनेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 जनवरी को वह मुजफ्फरनगर से 38,200 रुपये लेकर बस से शामली आ रहा था। जब वह रात दस बजे बस से शामली पहुंचा तो फाटक पर जाम होने के कारण वह बस से वहीं उतर गया। फाटक पर रिक्शा चालक से उसने विजय चौक चलने को कहा। वह उसे विजय चौक न ले जाकर जाम की बात कहकर एसटी तिराहा की तरफ से दूसरे रास्ते से ले जाने को कहकर ले गया। थोड़ा आगे चलकर उसने दूसरे रिक्शा चालक साथी के साथ मिलकर उससे 38,200 रुपये, आधार कार्ड, चार फोटो लूट लिए और रिक्शा से खींचकर नीचे गिरा दिया था। जिसमें वह चोट लगने से गंभीर घायल हो गया था।
एसपी ने बताया कि थाना आदर्श मंडी प्रभारी कर्मवीर सिंह ने पुलिस बल के साथ मुखबिर की सूचना पर सहारनपुर रोड से दो बदमाशों आरिफ निवासी मोहल्ला किदवई नगर थाना कोतवाली मुजफ्फरनगर और मोहम्मद उर्फ सन्नू निवासी मोहल्ला महमूद नगर थाना सिविल लाइन मुजफ्फरनगर को दो चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों के कब्जे से लूटे गए 38,200 रुपये में से 10,040 रुपये, दिनेश का आधार कार्ड और चार फोटो बरामद हुए। एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश शातिर है और इस तरह की वारदात मुजफ्फरनगर, रुड़की और खतौली में भी कर चुके हैं। बदमाशों के आपराधिक रिकार्ड के बारे में संबंधित थानों से जानकारी की जा रही है।
ये था वारदात का तरीका
एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों के निशाने पर अक्सर वे लोग रहते है, जो शराब पीकर चलते थे। ऐसे लोगों को सवारी बनाकर रिक्शे में बैठाते और सुनसान स्थान पर ले जाकर उनसे नकदी और सामान छीनकर फरार हो जाते थे। पकड़े गए दोनों बदमाश मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं, लेकिन वे शामली में रिक्शा किराये पर लेकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की फिराक में रहते थे। रात में ये कहीं भी रिक्शा पर ही सो जाते थे। बदमाशों ने बताया कि वे पहली बार पुलिस की पकड़ में आए है।
सीसीटीवी कैमरे में हो गए थे कैद
सीसीटीवी कैमरे ने ही ग्रामीण से रकम लूटने वाले बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में मदद की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे से घटना के समय की फुटेज देखी तो उनके चेहरे सामने आ गए। लूटपाट के बाद बदमाश रिक्शा छोड़कर कार से मुजफ्फरनगर भाग गए थे। उन्हें इसका जरा भी अहसास तक नहीं हुआ कि उन्होंने जो वारदात की है, वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुकी है और न ही उन्हें इस बात की भनक लगी कि पुलिस उनकी तलाश में लगी है। एक-दो दिन बाद वे फिर शामली आ गए और किसी और व्यक्ति केे निशाना बना पाते, उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।