शामली। जिले में एक सितंबर से पशु गणना का कार्य किया जाएगा। पांच साल बाद शुरू हो रही यह गणना 31 दिसंबर तक चलेगी। पशुओं की गणना के लिए 150 गणनाकर्ता लगाए गए हैं। गणना के दौरान ही पशुओं की इ यर टैगिंग भी की जाएगी।
पशुओं की गणना के लिए पशुपालन विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक सितंबर से पशुओं की गणना चार माह तक चलेगी। गणना के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रभानू कश्यप ने मातहतों को जिम्मेदारी सौंपी है। नौ सुपरवाइजरों के निर्देशन में 150 गणना कर्ता पशुओं की गणना का काम पूरा करेंगे। पशु गणना को लेकर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालन विभाग की बैठक लेते हुए जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गणना निर्धारित समय में पूरी करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सुपरवाइजरों को मिलेगा प्रशिक्षण
सीवीओ ने बताया कि पशुओं की गणना से संबंधित सभी नौ सुपरवाइजर्स को लखनऊ में प्रशिक्षण मिलना था, मगर किसी कारणवश नहीं मिल सका है। सहारनपुर में जल्द सभी को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। वहां से प्रशिक्षण लेने के बाद सुपरवाइजर गणना कर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे। जिसके बाद गणना का काम शुरू हो जाएगा।
अलग-अलग होगी पशुओं की गिनती
सीवीओ के अनुसार सभी पशुओं की गणना अलग-अलग होगी। यानी गोवंश, महिषवंश, भेड़, बकरी, सूकर और घोड़े आदि की गणना अलग-अलग वर्गीकृत की जाएगी। उन्होंने बताया कि 2019 में हुई पशु गणना के अनुसार जिले में तीन लाख 71 हजार 200 गाय और भैंस है।
गणना के साथ ही होगी इयर टैगिंग
पशु गणना के साथ ही जिन पशुओं की इयर टैगिंग नहीं हुई है, उनकी इयर टैगिंग भी की जाएगी। गणना के साथ-साथ पशुपालन टीम के साथ-साथ ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव अथवा ग्राम विकास अधिकारी की ड्यूटी भी लगेगी। जो अपनी-अपनी ग्राम पंचायत के पशुओं की टैगिंग करना सुनिश्चित कराएंगे। वहीं, जो पशुपालक टैगिंग काटकर फेंक देते हैं, उनका भी विवरण रजिस्टर में दर्ज होगा।
एक सितंबर से होने वाली पशु गणना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशिक्षण के बाद गणना शुरू हो जाएगी। सभी पशुपालक गणना में पशुपालन टीम का सहयोग करें। -डा. चंद्रभानू कश्यप, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, शामली