शामली। कुश्ती में इस बार ओलंपिक में पदक नजदीक होने का महिला पहलवानों में काफी उत्साह था, लेकिन बुधवार को अचानक से महिला पहलवान विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित करने पर जनपद की महिला पहलवानों में रोष रहा।
भारतीय अंतर राष्ट्रीय कुश्ती पहलवान विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक में महिला फ्री स्टाइल 50 किलो में सेमीफाइनल में क्यूबा की युस्नेलिस गुजमैन लोपेज को 5-0 से हराकर फाइनल में पहुंच गई थी। जिससे जसाला स्थित खेल स्टेडियम में भी तैयारी कर रही महिला कुश्ती खिलाड़ियों में भी काफी उत्साह था। वह भी उनकी तरह ही अच्छी तैयारी करते हुए भारत के लिए मेडल लाने को उत्सुक थी, महिला खिलाड़ियों को इस बार उम्मीद थी कि विनेश फोगाट फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में गोल्ड मेडल जरूर डालेगी।
जब बुधवार को महिला कुश्ती खिलाड़ियों ने टीवी पर उन्हें 100 ग्राम वजन अधिक बताते हुए अयोग्य घोषित करते हुए बाहर करने की खबर मिली तो वह काफी मायूस हो गई। सभी महिला पहलवानों में रोष व्याप्त रहा। गांव भाजू की पहलवान कोमल बालियान का कहना है कि यह जो हुआ है वह बहुत ही गलत हुआ है सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। वहीं गांव बंतीखेड़ा की पहलवान प्राची व भाजू की पहलवान मेघा ने कहा कि विनेश ने भारत को पदक दिलाने के लिए काफी मेहनत की थी। उनके साथ जो हुआ वह बहुत ही गलत हुआ है। वह अपने लिए नहीं देश के लिए लड़ रही हैं। इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने भी कहा कि यह देश की बेटी के साथ साजिश की है। यह भारत का अपमान है। भारत सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। अगर बात नहीं मानी जाती है तो ओलंपिक का बहिष्कार करना चाहिए।