शामली। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में आयुष्मान कार्डधारक मरीज का ऑपरेशन करने के बाद समस्या बनी रहने और दवा के नाम पर दस हजार रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने डीएम से शिकायत कर ऑपरेशन में फर्जीवाड़ा होने की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की। डीएम के आदेश पर एसीएमओ डॉ. अथर जमील ने प्रकरण की जांच शुरू करते हुए पीड़ित के बयान दर्ज किए।
कैराना क्षेत्र के गांव जहानपुरा निवासी अली नवाज ने दो दिन पहले कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम आलोक यादव को शिकायती पत्र देकर बताया कि करीब चार माह पहले तबियत खराब होने पर वह कस्बा कैराना में ब्लाक कार्यालय के निकट स्थित निजी अस्पताल में गया था। निजी अस्पताल आयुष्यान योजना के पैनल में शामिल है। पीड़ित के मुताबिक चिकित्सक ने उसे हार्निया और गदूद फूलने की समस्या बताई और ऑपरेशन कराने की सलाह दी। चिकित्सक ने एक अप्रैल 2026 को उसका आपरेशन किया और तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रखने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। ऑपरेशन के बाद जब उसे आराम नहीं आया तो उसने जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन कराया तो चिकित्सक ने हार्निया व गदूद फूलने की समस्या बताई।
पीड़ित ने आशंका जताई कि चिकित्सक ने उसका ऑपरेशन नहीं किया गया और उसे भर्ती रखकर योजना के तहत सरकार से ऑपरेशन के नाम पर मिलने वाली धनराशि का लाभ ले लिया।
एसीएमओ ने बृहस्पतिवार को पीड़ित से जानकारी ली और बयान दर्ज किए। एसीएमओ ने बताया कि पीड़ित ने ऑपरेशन के बाद बीमारी ठीक न होने और दवा के नाम पर दस हजार रुपये लेने की शिकायत की है। शनिवार को अस्पताल पहुंचकर प्रकरण की गहनता से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मरीज कितने दिन भर्ती रहा, ऑपरेशन के खर्च का बिल कितने रुपये का बनाया और कौन सा ऑपरेशन किया गया आदि बिंदुओं पर जांच की जाएगी। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।