शामली। सिंभालका गांव की छात्रा के परिजनों ने सरती देवी राजा राम स्कूल प्रशासन पर आठ माह की फीस नहीं देने पर लाइब्रेरी में बैठाने का आरोप लगाते हुए स्कूल में हंगामा किया, क्योंकि गन्ना भुगतान न होने के कारण वह फीस जमा तक नहीं कर पा रहे थे। वहीं, स्कूल प्रशासन ने आरोप लगाया कि फीस न देने का कारण लिखित में देने की बात कहीं तो परिजन बिना कुछ बताए ही स्कूल से चले गए।
सिंभालका गांव निवासी सूरज ने बताया कि उनकी आठ वर्षीय बेटी शिवांशी कक्षा तीन में सरती देवी राजा राम स्कूल में पढ़ती है। बताया कि उनका पिछले वर्ष का अभी तक गन्ना भुगतान तक नहीं हुआ है और इसके कारण वह बच्चों की फीस तक नहीं दे पा रहे हैं। उसकी आठ माह की फीस रुकी हुई है। आरोप है कि फीस जमा न होने के कारण स्कूल के शिक्षक पिछले तीन माह से लगातार दो घंटे उनकी बेटी को लाइब्रेरी में बैठाकर कार्य कराते हैं, जिससे उसकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। वह रोजाना घर आकर रोती है और परिजनों को शिक्षकों द्वारा अलग बैठाने की बात कहती है। इस पर परिजनों ने डीएम व एडीएम से शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की। उसके बाद बुधवार को परिजनों ने स्कूल में पहुंचकर हंगामा किया और बच्ची को परेशान न करने की मांग करते हुए सभी बच्चों को साथ में बैठाने की मांग की है।
लिखित में नहीं दे रहे परिजन
सरती देवी राजा राम स्कूल के प्रधानाचार्य नितिन राजन टंडन ने बताया कि परिजन बकाया गन्ना भुगतान होने के बाद छात्रा की फीस पूरी जमा करने के लिए लिखित में नहीं दे रहे हैं। कहा कि उन्होंने छात्रा को अन्य बच्चों से अलग कर लाइब्रेरी में नहीं बैठाया है। स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और कोई भी अधिकारी आकर यहां जांच कर सकता है। एडीएम संतोष कुमार का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी कराई जाएगी।
डीएम के आदेश पर पहुंची पुलिस, जांच की
डीएम रवींद्र सिंह के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने सरती देवी राजा राम स्कूल में पहुंचकर छात्रा शिवांशी से बात की और उसके बाद प्रधानाचार्य व शिक्षकों के बयान लेकर सीसीटीवी कैमरे चेक किए। छात्रा ने बताया कि उसको पांच दिन से ही लाइब्रेरी में स्कूल फीस नहीं आने के कारण दो घंटे के लिए बैठाया जाता था और वहीं होमवर्क कराया जाता था।