गढ़ीपुख्ता। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान 27 नवंबर को है। लेकिन गंदेवड़ा स्थित गंगा-यमुना संगम घाट पर इस वर्ष भी अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे लोगों में मायूसी है। लोगों ने संगम पर स्नान ध्यान के लिए पानी छोड़े जाने की मांग की है।
दो सालो से पूर्वी गंगा-यमुना गंदेवडा संगम पर कार्तिक पूर्णिमा के पर्व होने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। क्षेत्र के गांव गंदेवड़ा, गढ़ी अब्दुल्ला खां, मानकपुर, जानीपुर, जलालाबाद, ननौता, तीतरो, गंगोह, रामपुर, कुआखेड़ा, लुहारी, भैरी भावसी, सौहंजनी, ऊन, गढ़ीपुख्ता सहित दूरदराज से श्रद्धालु स्नान एवं पूजा-अर्चना करने के लिए यहां आते हैं। लेकिन इस बार भी पूर्वी गंगा यमुना नहर गंदेवडा संगम पर पानी न आने के कारण श्रद्धालुओं में मायूसी है। वही पूर्वी गंगा यमुना सूखी होने के कारण मृतकों की अस्थियां विसर्जन करने के लिए परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालु ठीक से पिंडदान भी नहीं कर पा रहे हैं।
ग्राम प्रधान गंदेवडा रामकुमार ,पंडित सुभाष गंदेवडा, पंडित राजेंद्र शर्मा, अशोक, पंडित अनूप शास्त्री ने शिकायती पत्र देकर सिंचाई विभाग से मांग की है कि कार्तिक पूर्णिमा पर पूर्वी गंगा यमुना नहर में पानी छोड़ा जाए।
जल्द से जल्द पानी छोड़ा जाए
ग्राम प्रधान गंदेवड़ा रामकुमार ने बताया है कि कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। जल्द से जल्द पानी छोड़ा जाएना चाहिए।
धीरसिंह जानीपुर ने बताया कि पूर्वी गंगा यमुना नहर में पिछले वर्ष भी पानी नहीं छोड़ा गया था, सिंचाई विभाग अधिकारियों को कार्तिक पूर्णिमा पर नहर में पानी छोड़ना चाहिए।
संत शिरोमणि रविदास आश्रम गंदेवडा़ संगम के महाराज हरबीरदास ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालु आस्था के साथ संगम पर स्नान करने आते हैं। दो साल से नहर में पानी न आने के कारण श्रद्धालुओं को मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है।
सतपाल, इलमचंद का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पूर्वी गंगा यमुना नहर सूखी पड़ी है। जिसके कारण श्रद्धालुओं को परेशानी होगी।
नहरों का सफाई अभियान चलाया हुआ है। प्रयास रहेगा कि कार्तिक पूर्णिमा पर गंदेवड़ा संगम में पानी छोड़ा जाए। 100 क्यूसेक पानी की मांग की जाएगी।
- अंबुज कुमार चौधरी, उप राजस्व अधिकारी, पूर्वी यमुना नहर खंड शामली