शामली। जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन की एवज में अवैध वसूली का मामला सामने आया है। तीमारदारों ने आउटसोर्सिंग ओटी तकनीशियन पर रुपये वसूलने का आरोप लगाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर डीएम के निर्देश पर सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। सीडीओ ने जांच में आउटसोर्स कर्मचारी व एक स्टाफ नर्स दोषी मिले हैं। दो तिमारदारों से रकम ली गई और बाद में लाैटाई गई।
बुधवार को सोंटा रसूलपुर के तीमारदार अबरार, सरफराज और पिंकू ने जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के नाम पर एक युवक पर रुपये लेने का आरोप लगाया। अबरार ने आरोप लगाया कि उससे ऑपरेशन के सामान मंगाने के नाम पर पांच हजार रुपये, सरफराज ने दो हजार रुपये और पिंकू ने छह हजार रुपये ऑपरेशन के व दो हजार रुपये टीके लगाने के नाम पर वसूले जाने का आरोप लगाया। बुधवार को तीमारदारों का अवैध वसूली करने के आरोप लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
डीएम अरविंद चौहान के निर्देश पर सीडीओ ने जिला अस्पताल पहुंचकर प्रकरण की जांच की। उन्होंने मरीजों और अस्पताल के स्टाफ से प्रकरण में जानकारी ली। सीडीओ ने बताया कि जांच में सामने आया कि ओटी तकनीशियन आउटसोर्स कर्मचारी व एक स्टाफ नर्स द्वारा एक तीमारदार से लिए दो हजार रुपये और दूसरे तीमारदार से लिए छह हजार रुपये वापस किया जाना सामने आया हैए इसलिए प्रथम दृष्टया अवैध वसूली के मामले में दोनों दोषी पाए गए हैं। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि इस मामले में आउटसोर्सिंग कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। उधर, वायरल वीडियो में एक महिला खुद को आशा बताते हुए कह रही है कि वह गर्भवती महिला को वह पहले झिंझाना सीएचसी पर ले गई थी, वहां उससे 11 हजार रुपये मांगे गए। जब रुपये देने से मना किया तो सर्जन न होना बताकर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में एक युवक ने ऑपरेशन के नाम पर पांच हजार रुपये मांगे गए, लेकिन उसने रुपये देने से मना कर दिया।