शामली । श्री इंद्र ध्वज महा मंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ में आठवें दिन जैन आचार्य ज्ञान भूषण महाराज ने उत्तम त्याग धर्म के बारे बताया। उन्होंने बताया उत्तम त्याग धर्म मुनिराज का है। मुनिराज भी आहार दान देते हैं। वह आत्मा आहार दान देते हैं।
शुक्रवार को कैराना रोड पर स्थित हाथी खाना मैदान में 1008 इंद्र ध्वज महा मंडल विधान विश्व शांति महायज्ञ में मध्यप्रदेश छिंदवाड़ा से पहुंचे विधानाचार्य शरद चंद बनारसी ने यज्ञ नायक भूषण लाल जैन, डॉ. अनीता जैन, सौधर्म इंद्र- इंद्राणियों ने विधि पूर्वक पूजा कराई।
जैन आचार्य ज्ञान भूषण जी महाराज ने आज आठवें धर्म उत्तम त्याग के बारे में बताया उत्तम त्याग में सभी धर्म आ जाते हैं और त्याग धर्म प्रकट होता है, यह धर्म मुनिराज का होता है। मुनिराज भी आहार दान देते है। वह किस प्रकार आत्मा का आहार दान देते हैं।
इससे आत्मा की तृप्ति हो सके हैं। मानव जीवन के अंदर परिवर्तन आ सके है। इसमें सुशील जैन, राजीव जैन, प्रवीण जैन, वैभव जैन, संजीव जैन, अचल जैन, मोहित जैन, अशोक जैन, शिखर चंद जैन, रोमित जैन, मंयक जैन, रवि जैन, संतोष जैन, कमल जैन, अमित जैन, प्रदुमन जैन, अजय जैन, मोहनलाल जैन आदि रहे। श्री पार्श्व नाथ धरणेंद्र पदमावती प्रभावना संघ के तत्वावधान में रूपेश एंड पार्टी ने भजन प्रस्तुत किए। इसमें संजय जैन, हितैष जैन, प्रवीण जैन आदि रहे।