शामली। राजस्थान से टिड्डी दल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में सक्रिय होने की आशंका से शामली जिले का कृषि विभाग अलर्ट हो गया है। कृषि विभाग ने टिड्डी दल के हमले से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसानों से कहा कि टिड्डी के प्रकोप की दशा में एक साथ इकट्ठा होकर टीन के डब्बों, थालियों आदि को बजाते हुए शोर मचाए। शोर से टिड्डी दल आसपास के खेतों में आक्रमण नहीं कर पाएंगे।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. विकास कुमार ने कहा कि पिछले साल टिड्डी दल राजस्थान में सक्रिय होकर किसानों की फसलों पर हमला करके नुकसान पहुंचाया था। प. उत्तर प्रदेश के जिलों में कृषि विभाग के अफसरों ने टिड्डी दलों के आने पर हमले की आशंका जताई है। बताया कि बसंत का मौसम एवं बलुई मिट्टी टिड्डी के प्रजनन एवं अंडे देने हेतु सर्वाधिक अनुकूल होता है। टिड्डी दल के आक्रमण से संभावित ऐसी मिट्टी वाले क्षेत्रों में जुताई करवा दें, एवं जल का भराव करा दें। ऐसी दशा में टिड्डी के विकास की संभावना कम हो जाती है।
टिड्डी दल रात में फसलों, झाड़ियों एवं पेड़ों पर प्रवास करते हैं और इन्हें अत्यधिक क्षति पहुंचाते हैं। कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों ने वर्ष 2021-22 में राजस्थान से आए टिड्डी दलों के हमले के मद्देनजर पर्याप्त तैयारी के निर्देश दिए हैं। टिड्डी दल के नियंत्रण हेतु रसायन मैलाथियान 96 प्रतिशत यूएलवी का छिड़काव अत्यंत प्रभावी होता है।