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Shamli News: वेस्ट यूपी ही नहीं देशभर में आईएसआई के लिए सदस्य तैयार कर रहा था एजेंट कलीम

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- पाकिस्तान जाकर लाहौर में ली थी पुलिस से बचने की ट्रेनिंग
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- देशभर में माइंड वॉश कर लोगों को अपने साथ जोड़ रहा आईएसआई

- एसटीएफ और पुलिस की पूछताछ में हुआ खुलासा

महबूब अली

शामली। शामली के कलीम का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से लिंक सामने आने के बाद एक बार फिर से जिला देशभर में चर्चाओं में हैं। पकड़े गए आईएसआई एजेंट कलीम ने पुलिस और एसटीएफ की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आईएसआई से जुड़े पाकिस्तान में बैठे दिलशाद मिर्जा और हाफिज खालिद के कलीम ओर उसका भाई पिछले करीब छह साल से संपर्क में थे। यही नहीं, आरोपी कलीम ने पाकिस्तान के लाहौर में आईएसआई से पुलिस से बचने और लोगों को चंगुल में फंसाने के संबंध में ट्रेनिंग ली थी। व्हाट्सएप पर वह ऑनलाइन माध्यम से भी दिलशाद से ट्रेनिंग लेता रहा था।
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी कलीम कट्टरपंथी विचारधारा का पूरी तरह से समर्थन करता है। यही नहीं, लोगों को जिहाद फैलाने के लिए भी वह प्रेरित कर रहा था। लोगों से कहता था कि आप मेरे लिए शहादत की दुआ करना, जो दोस्त मुजाहिद बनना चाहते हैं, उनसे मेरी बात करा देना, उनको मालामाल करा दूंगा। इसके अलावा कलीम और उसके भाई तहसीम पुलिस की तमाम तरह की गतिविधियों की सूचना भी चैट के माध्यम से आईएसआई के सदस्यों को देते थे। माना जा रहा है कि कलीम का पिता भी आईएसआई के लिए काम कर रहा था। हालांकि, अभी उसके बारे में जांच चल रही है। संवाद
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देशभर में माइंड वॉश कर लोगों को अपने साथ जोड़ रहा आईएसआई

पूछताछ में पता चला है कि आईएसआई देशभर के मुस्लिम समुदाय के लोगों का माइंड वॉश कर अपने साथ जोड़ रहा है। उन्हें चंद दिनों में अमीर बनने का सपना दिखाकर भारत में बम ब्लास्ट से लेकर दंगा और अन्य बड़ी वारदातों को अंजाम दिलाने के लिए उकसाया जाता है। कहा जाता है कि इसके लिए उन्हें आईएसआई ही गोला बारूद, हथियार उपलब्ध कराएगा। अल्लाह भी इससे खुश होगा। शामली के अलावा, सहारनपुर, आजमगढ़, मेरठ, बिजनौर, बागपत, दिल्ली, लोनी ओर अन्य स्थानों पर लोगों के लिए आईएसआई के सदस्यों के कहने पर स्लीपर सेल तैयार कर रहा था। हालांकि, गिरोह में अभी तक कितने सदस्य जोड़े गए, इसकी जांच में पुलिस और एसटीएफ लगी हुई है।

नमाज पढ़ने के दौरान लोगों को आईएसआई से जोड़ने का करता था प्रयास

पूछताछ में पता चला है कि कलीम पिछले कई साल से आई एसआई से जुड़ा हुआ है। वह खुद को पांचों वक्त का नमाज पढ़ने वाला दर्शाता था, ताकि पुलिस और लोग शक नहीं कर सके। इसके लिए लोगों का माइंड वॉश कर अपने साथ जोड़ने का प्रयास करता था। माना जा रहा है कि कलीम के साथ अन्य भी कई लोग जुड़े हुए हैं। हालांकि, जांच के बाद ही अन्य के नामों का खुलासा करने की बात कह रही है।



अब तक तीन बार पाकिस्तान जा चुका कलीम

एसटीएफ के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि आरोपी कलीम अब तक तीन बार पाकिस्तान जा चुका है। इस दौरान वह आईएसआई के सदस्यों से भी मिला। अभी छह दिन पूर्व ही वह अपने पिता, मां के साथ पाकिस्तान की जेल से छूटकर आया था।
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इन्होंने कहा

सहारनपुर के एक युवक का नाम भी आईएसआई के संपर्क में रहने में आया है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लोगों से अपील है कि इस तरह के लोगाें के बहकावे में नहीं आए। संदिग्ध गतिविधियां दिखने पर पुलिस को सूचना दें।- अभिषेक, एसपी शामली
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