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अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच मांगी

Tue, 20 Feb 2018 11:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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शामली में डीएम को ज्ञापन देते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला
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शामली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर शामली कलक्ट्रेट में अधिवक्ताओं ने नोवर्क रखा। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापित कराने की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना से वकीलों और फरियादियों को काफी सुविधाएं मिल जाएंगी। फरियादियों को सस्ता और सुलभ न्याय मिलेगा। मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने नो वर्क रखा। वकीलों ने जिला बार भवन में बैठक करके पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम इंद्र विक्रम सिंह को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग काफी समय से चली आ रही है। कई सरकारें बदल चुकी, मगर अधिवक्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। महाराष्ट्र में हाईकोर्ट होते हुए भी दूसरी हाईकोर्ट बेंच स्थापित कर दी गई, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच न होने से यहां के वादकारियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जाना पड़ता है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वकीलों ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की स्थापना हर हाल में होना चाहिए। इस दौरान अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, चंद्रभान एडवोकेट, मुकेश गर्ग एडवोकेट, नीलकमल, जसपाल राणा, प्रदीप पंवार, विनय, सुमन आर्यन, योगेश शर्मा, रामकुमार वर्मा, सतीश मिठालिया, श्यामवती एडवोकेट, संजय जाटव, रवि गर्ग, मणिकांत शर्मा, सोमपाल चौहान, सतेंद्र धीरयान, अशोक कुमार, चंद्रवीर मलिक, सतीश मिठालिया,राजेश आर्यन, रामपाल सिंह और सतीश चौहान आदि मौजूद रहे। दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे अधिवक्ता कैराना। बार एसोसिएशन कैराना के अधिवक्ताओं ने तहसील रजिस्ट्रार कार्यालय पर तालाबंदी करते हुए 26 फरवरी तक कलमबंद हड़ताल करने की घोषणा की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा था। इसी के चलते मंगलवार को भी अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रही। इस दौरान न्यायालयों में किसी भी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया गया। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते वादकारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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