संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। गाजियाबाद की घटना के विरोध में मंगलवार को भी अधिवक्ताओं ने शामली, ऊन और कैराना में हड़ताल रखी। शामली में वकीलों ने रजिस्ट्री कार्यालय बंद कराकर दूसरे दिन भी पानीपत-खटीमा हाईवे पर जाम लगाया। बाद में एसडीएम के आश्वासन पर जाम खोला गया। शामली में दो दिन से गाजियाबाद की घटना के विरोध में वकील कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे हैं और न्यायिक कार्यों से भी विरत हैं। मंगलवार को भी वकीलों ने धरना दिया। दोपहर करीब 12:30 बजे वकील बार अध्यक्ष राकेश शर्मा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट के सामने पानीपत-खटीमा हाईवे पर पहुंचे और जाम लगा दिया।
गाजियाबाद मामले में जल्द सुनवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। अधिवक्ताओं ने करीब आधा घंटे हाईवे जाम रखा। इस मौके पर बार अध्यक्ष राकेश शर्मा, सतेंद्र देशवाल, विवेक कुमार, प्रदीप पंवार, सन्नी निर्वाल, बिजेंंद्र कुमार, अंकित मान, प्रताप राठोर, मनोज देशवाल, नीलकमल, कृष्णपाल, पदमा, सविता आदि मौजूद रहीं।
n कैराना में हड़ताल पर रहे अधिवक्ता : कैराना बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ता पूर्ण रूप से हड़ताल पर रहे, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बार एसोसिएशन अध्यक्ष ब्रह्म सिंह ने बताया कि गाजियाबाद में समिति का गठन किया गया है। समिति का निर्णय आने के बाद ही हड़ताल खोली जाएगी।
वहीं, ऊन में भी नौंवे दिन भी वकीलों ने हड़ताल रखी। गत 29 अक्टूबर को गाजियाबाद में अधिवक्ताओं पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने चैम्बर बन्द करके न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर हड़ताल जारी रखी।
मंगलवार को अधिवक्ताओं ने तहसील में रोष प्रकट कर कार्यवाही की मांग की। अमित चौधरी, अनुज शर्मा, सुरेंद्र, जुनैद, तसव्वर, जोगिंदर, सोनू, कल्याण, यशवीर आदि अधिवक्ता शामिल रहे।