शामली। जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल भारती के नेतृत्व वाली टीम ने ऊन चीनी मिल परिक्षेत्र में गन्ना सर्वेक्षण का निरीक्षण किया गया। इस मौके पर किसानों की गोष्ठी मे ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई करने पर जोर दिया गया। किसानों को ट्रेंच विधि के फायदे बताए गए।
शुक्रवार को जिला गन्ना अधिकारी के नेतृत्व में गन्ना विभाग की टीम ने ऊन मिल क्षेत्र के हसनपुर गांव में किसान हरवीर, हरपाल सिह, नौनांगली गांव में सतेंद्र, इकबाल सिंह, समरपाल, हरि सिंह के गन्ने के खेत का सर्वेक्षण किया, जो सही पाया गया। गांव नौनांगली में किसानों के साथ एक कृषक गोष्ठी आयोजित की गई।
जिसमें चीनी मिल ऊन मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल कुमार अहलावत, सहायक गन्ना प्रबंधक धर्मवीर सिंह, नौनांगली के किसान द्वारा हिस्सा लिया गया।
इस मौके पर जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई करने के लाभ बताए। उन्होंने एसटीपी विधि से कैसे गन्ने की खेती की जाए, किसानों की आय दोगुनी करने, गन्ने में ड्रिप सिंचाई अपनाकर पानी की बचत करने आदि के बारे में जानकारी दी।
ऊन चीनी मिल गन्ना महाप्रबंधक एके अहलावत ने बताया कि चीनी मिल में 50 रुपये क्विंटल की दर से कार्बनिक खाद उपलब्ध है। क्षेत्र में गन्ने के कुछ खेतों में ब्लैक बिग कीट का प्रकोप है, इसकी रोकथाम के लिए कृषक क्लोरोपाइरीफास का 0.1 प्रतिशत का घोल बनाकर छिड़कव करें।
कहीं-कहीं परबोइंग बीमारी का प्रकोप भी देखा गया है, जिसके नियंत्रण के लिए बावस्टीन एक ग्राम प्रति लीटर की दर से 15 दिन के अंतराल पर दो किलोग्राम छिड़काव करें। बावस्टीन दवाई सभी चीनी मिल और गन्ना विकास समिति में उपलब्ध है।
उन्होंने सभी किसानों से खेतों पर उपस्थित होकर अपने गन्ने के खेतों का सही से सर्वे कराने का आह्वान किया। उन्होंने सर्वे करने वाली टीम से कहा कि जिस गांव का सर्वे करना है उस गांव के किसानों को दो दिन पहले ही एसएमएस के माध्यम से सूचित कर दिया जाए। सर्वे करतेे समय सर्वे स्लिप मौके पर दी जाए, यदि कोई किसान मौके पर उपस्थित न हो तो उसको समस्त खेतों की सर्वे स्लिप उसके घर पहुंचा दी जाए।