बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर शामली चीनी मिल में किसानों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। प्रशासन और किसानों के बीच हुई वार्ता एक बार फिर विफल हो गई। किसान बकाया भुगतान की मांग पूरी होने तक धरना जारी रखने की जिद पर अड़े रहे। धरनास्थल पर भारतीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने समस्या के समाधान के लिए कमेटी बनाने का सुझाव रखा। बृहस्पतिवार को कमेटी के संबंध में विचार किया जाएगा। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने भी धरने पर पहुंचकर किसानों के आंदोलन का समर्थन दिया।
चीनी मिल परिसर में किसानों ने बकाया भुगतान होने तक मिल बंद कर धरना जारी रखने की घोषणा की है। भारतीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने किसानों की मांग का समर्थन किया। सरदार वीएम सिंह ने कहा कि भुगतान का समाधान निकालने के लिए प्रशासन और किसानों की कमेटी बनाने का सुझाव रखा। कमेटी में पांच किसान शामिल होंगे। चीनी की बिक्री इस कमेटी की निगरानी में होगी। इस बीच धरने में एडीएम केबी सिंह और एएसपी अजय प्रताप सिंह भी पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान भुगतान होने तक धरना जारी रखने की जिद पर अड़े रहे। शाम को सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों की मांग का समर्थन किया। अध्यक्षता कर रहे देशपाल राणा ने बताया कि सरदार वीएम के सुझाव पर कोई कमेटी नहीं बनी है। कमेटी के बारे में बृहस्पतिवार को विचार किया जाएगा। धरने पर जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन मनीष चौहान, तरसपाल मलिक, पूर्व विधायक पंकज मलिक, बाबा सूरजमल, चौधरी श्याम सिंह बहावड़ी, बाबा संजय कालखंडे, कुलदीप शर्मा, कंवर हसन, मोहम्मद सादीन, रतन सिंह मुंडेट, वाजिद अली, आशुतोष पवार, सुनील मलिक, बाबूराम पवार, पप्पू, सुधीर निर्वाल, विक्की भैंसवाल, रोहित नंगली, शैली, बबलू, जित्ता निर्वाल, नरेंद्र कुड़ाना, मोहित निर्वाल, शैली, बंटी, टिविंकल, पिंटू, अरविंद निर्वाल, सुरेेेश निर्वाल, बिट्टू, सोनू निर्वाल, हरीश, अनिल करोड़ी आदि रहे। धरने का संचालन प्रमोद बनत और जितेंद्र निर्वाल ने किया।
‘बातचीत से हर समस्या का समाधान’
भारतीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि हर समस्या का समाधान बातचीत से ही निकलता है। गन्ना भुगतान न होना किसानों की बड़ी समस्या है। किसानों की इस लड़ाई में हर तरह से वह उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान की इस समस्या का रास्ता ऐसा निकाला जाना चाहिए कि प्रशासन या मिल का कोई भी अधिकारी किसानों के साथ धोखा न कर सके। उन्होंने सुझाव रखा कि इसके लिए किसानों की कमेटी बनाई जाए, जो पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाए और किसानों के विश्वास पर पूरी तरह खरी उतरे। उन्होंने कहा किसान कोई ऐसा समझौता न करें, जिससे बाद में किसी तरह का पछतावा हो। भुगतान का मुद्दा गंभीर है, इस पर बहुत सोच समझकर निर्णय लेना होगा।