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Shamli News: आंध्र प्रदेश व झारखंड समेत कई राज्यों से की साइबर ठगी, आरोपी गिरफ्तार

Tue, 23 Jun 2026 01:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली में गिरफ्तार साइबर ठगी करने का आरोपी मुगीरा। स्रोत पुलिस विभाग
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शामली। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने धोखाधड़ी से टैक्सी चालक व दो दुकानदारों के खाते में साइबर ठगी की रकम मंगाने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन सिम समेत बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी का आंध्रप्रदेश व झारखंड समेत कई राज्यों में साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया है।
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कस्बा कांधला के मोहल्ला खैल निवासी टैक्सी चालक शहनवाज ने रविवार को साइबर क्राइम थाने पर मोहल्ला शेखजादगान निवासी मुगीरा उर्फ मुघीरा के विरुद्ध धोखे से उसके और कस्बे के अन्य दो दुकानदारों कासिम व नसीम के बैंक खाते में साइबर ठगी के चार लाख 67 हजार से ज्यादा रुपये मंगाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि आरोपी मुगीरा उर्फ मुघीरा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ में आंध्र प्रदेश, झारखंड समेत कई राज्यों में साइबर ठगी का नेटवर्क मिला है। वहां के लोगों को झांसे में लेकर उनसे साइबर ठगी की रकम मंगाता था। एएसपी का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है। साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी की जा रही है।
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आंध्रप्रदेश व झारखंड में आरोपी के विरुद्ध शिकायतें दर्ज
एएसपी का कहना है कि जांच में सामने आया कि आरोपी के विरुद्ध आंध्र प्रदेश के जिला कृष्णा व झारखंड के जनपद कोडरमा में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं। आंध्र प्रदेश निवासी पीड़ित से लगभग आठ लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी करने की जानकारी मिली है। आरोपी के विरुद्ध पूर्व में जनपद मुरादाबाद के थाना मुगलपुरा में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
इंटर पास मुगीरा ने यूट्यूब से सीखे साइबर ठगी के तरीके
एएसपी ने बताया कि लगभग 27 वर्षीय आरोपी मुगीरा इंटर पास है और 2019 से वह साइबर ठगी के धंधे से जुडा है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने गूगल व यूट्यूब के माध्यम से फॉरेवर लिविंग प्रोडक्ट्स कंपनी की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इसके बाद वह कंपनी से जुड़े लोगों के मोबाइल नंबर लेता था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित करता था, जिन्हें कंपनी के बारे में सीमित जानकारी होती थी। आरोपी उन्हें कंपनी में सुपरवाइजर, असिस्टेंट मैनेजर एवं मैनेजर जैसे पद दिलाने और अधिक आय अर्जित कराने का झांसा देकर विश्वास में लेता था और तरह-तरह के बहानों से उनसे रकम मंगाता था। साइबर ठगी की रकम को छिपाने के लिए वह अपने परिचितों, दुकानदारों व अन्य लोगों को धोखे में रखकर उनके बैंक खातों में रकम मंगाता था और उनसे नकद ले लेता था।
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