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Shamli News: एक फैसले ने छीन ली पत्नी और मासूम बेटे की जिंदगी

Wed, 22 Jul 2026 01:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली/बनत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर हुए हादसे ने किसान चीनू की दुनिया ही उजाड़ दी। बलवा चौराहे पर डंपर की टक्कर में पत्नी रितु और तीन वर्षीय बेटे प्रियांशु की मौत के बाद जिला अस्पताल में चीनू का दर्द हर किसी की आंखें नम कर रहा था। वह बार-बार यही कह रहा था रितु कह रही थी कि कल घर चलेंगे... अगर उसकी बात मान ली होती तो आज वह और मेरा बेटा मेरे साथ होते।
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चीनू ने बताया कि वह अपनी पत्नी रितु, तीन वर्षीय बेटे प्रियांशु, बेटे वंश और बेटी वंशिका के साथ बड़ौत के गांव वाजिदपुर स्थित अपने मामा के यहां गया था। परिवार का मन था कि बुधवार को चले जाना। पत्नी रितु और बच्चों ने भी एक दिन और रुकने की बात कही, लेकिन चीनू ने बच्चों की पढ़ाई का हवाला देते हुए मंगलवार को ही लौटने का फैसला कर लिया।
इस फैसले ने चीनू को जीवनभर का दर्द दे दिया। चीनू बार-बार खुद को ही इस हादसे का जिम्मेदार ठहराता रहा। उसकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। वह कह रहा था, अगर एक दिन और रुक जाता... अगर पत्नी की बात मान लेता... तो आज मेरा परिवार मेरे साथ होता। मेरी जिद ने मेरा सब कुछ छीन लिया। गांव जलालपुर में मातम पसरा है और हर किसी की आंखें नम हैं।
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हेलमेट ने बचा दी चीनू की जान
चीनू ने बताया कि हादसे के समय उसने हेलमेट पहन रखा था। टक्कर के बाद वह सड़क पर दूर जा गिरा, लेकिन हेलमेट होने के कारण उसके सिर में गंभीर चोट नहीं आई और उसकी जान बच गई। चीनू ने कहा, अगर हेलमेट नहीं पहना होता तो शायद मैं भी आज जिंदा नहीं होता। अब उसके सामने तीन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी है, लेकिन पत्नी और मासूम बेटे को खोने का दर्द जिंदगी भर उसका पीछा नहीं छोड़ेगा।
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