शामली। शहर की युवतियां और महिलाओं पर फिटनेस फीवर हावी है। शरीर को खूबसूरत और मजबूत बनाने के लिए जिम में पहुंचकर पसीना बहा रही हैं। कॉलेज आने जाने वाली लड़कियों से लेकर विवाहित महिलाएं भी सुबह शाम वर्मा मार्केट, कमला कॉलोनी और माजरा रोड स्थित जिम में वर्क आउट कर रही हैं। महिलाएं शहर के पार्कों, नगरपालिका और वीवी इंटर कॉलेज में खोले गए ओपन जिम में भी पहुंच रही हैं। शहर की युवतियों मेें मनचाही फिगर पाने के बाद मॉडलिंग और एयर होस्टेस बनना चाहती हैं। तो वहीं महिलाएं भी अपना मोटापा घटाने और स्वस्थ रहने के लिए खूब एक्सरसाइज कर रही हैं। जिम संचालक महिलाओं से 1200 से 1500 रुपये प्रतिमाह तक फीस ले रहे हैं। जिम संचालकों का कहना है कि महिलाओं में दिन पर दिन जागरूकता बढ़ती जा रही है। वह अपने शरीर को स्वस्थ रखने, मोटापा घटाने और सुंदर दिखने के लिए पसीना बहाने से पीछे नहीं हट रही है।
बीमारियां भी भागती है दूर
भविष्य में हार्ट, बीपी, शुगर आदि बीमारियों से बचने के लिए भी महिलाएं जिम का इस्तेमाल कर रही हैं। शरीर के भार को संतुलित और फैट आदि के बढ़ने से बचने के लिए भी इसे एक बेहतर विकल्प माना गया है।
रहना है फिट, तो बहाना होगा पसीना
मेरी हमेशा फिट और स्लिम रहने की इच्छा है। जिससे मुझ पर हर तरह की ड्रेस अच्छी लगे। इसके लिए जिम में आधुनिक मशीनों के साथ कसरत करती हूं। जिस कारण मुझे पढ़ाई के समय भी आलस्य नहीं आता है। मुझे विश्वास है कि एक दिन मेरी मेहनत जरूर रंग लाएगी। - आंचल वालिया
हमेशा फिट रहना चाहती हूं
खुद को हमेशा फिट रखना चाहती हूं। शरीर में फैट अधिक न रहे इसके लिए जिम एक बेहतर उपाय है। मसल्स को मजबूत करने के लिए भी लगातार जिम में पसीना बहा रही है। जिम जाने के बाद से वह कठिन काम से भी पीछे नहीं हटती है। - आंचल संधु
- पसीना बहा कंधे कर रही मजबूत
शोल्डर प्रेस तकनीक से युवतियां अपने शोल्डर को मजबूत कर रही है। लो लैट पूल डाउन से पीठ की मजबूती और मसल्स बनाने के लिए भी युवतियां मेहनत कर रही है। - ट्रेनर अवंतिका
आधुनिक तकनीक वाली मशीनें कर रही प्रयोग
जिम में आधुनिक तकनीक वाली मशीनें है। इसमें महिलाएं और युवतियां चेस्ट, शोल्डर प्रेस, पैकडैम फ्लाई, हाईलाइट, साइकिल, स्पिन बाइक, ट्राइड बिल, बैटल रोप आदि मशीनों का इस्तेमाल कर पसीना बहाकर शरीर को फिट बना रही है। - जिम संचालक, विजय मलिक