अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सालय में दवाई, पानी और बिजली की स्थिति खराब पाई गई। वहीं औषधि भंडार में दवा के स्टाक में गड़बड़ी पाए जाने पर नाराजगी जताई। साथ ही, मुख्य चिकित्साधिकारी औषधि भंडारण की भी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सालय पर बजट के रिकार्ड की खर्च व शेष बजट की समीक्षा की। उन्होंने शेष बजट को 31 जुलाई तक समाप्त करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सहारनपुर से डॉ. अशोक कुमार दुआ ने स्वास्थ्य विभाग को शासन से मिलने वाले बजट की समीक्षा की। कहा कि अब जल्द ही एएनएम और आशाओं के खाते में सीधा मानदेय भेजा जाएगा। शासन को भेजी जा रही रिपोर्ट में गड़बड़ी जाने के कारण विभाग की छवि धूमिल हो रही हैं। उन्होंने बाबुओं को शासन को भेजी जाने वाली प्रतिदिन की रिपोर्ट में सुधार करने के निर्देश दिए। सभी का मानदेय समय पर भेजने के भी निर्देेश दिए। इस दौरान शासन से भेजे गए लगभग 1.23 करोड़ के बजट को 100 प्रतिशत खर्च न किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। इस दौरान लगभग 80 प्रतिशत बजट का खर्च पाया गया।
उन्होंने 31 जुलाई तक पूर्ण बजट को खर्च करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। जिसमें इमरजेंसी रूम में स्टाफ न मिलने और रेफर मरीज को न भेजे जाने पर कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने ऑक्सीजन सिलेंडर और बाल रोग चिकित्सक के रजिस्टर की जांच की। अस्पताल में बिजली और पानी की सही व्यवस्था न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने दवाईयों के भंडार कक्ष की जांच की। जिसमें रजिस्टर की जांच करने पर डेकाडोन के 25 इंजेक्शन होने चाहिए थे, लेकिन 25 के स्थान पर 30 इंजेक्शन पाए जाने पर उन्हें भ्रष्टाचार की गंद आने लगी। उन्होंने फार्मेसिस्ट को फटकार लगाई। उसके बाद उन्होंने कुछ दवाइयों, बिजली और पानी की व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शासनादेश के अनुसार कार्य न करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। मौके पर सीएमओ डॉ. राजकुमार सिंह, डीपीएम आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, एसीएमओ डॉ. सफल कुमार, एसीएमओ डॉ. अशोक हांडा, डॉ. केपी सिंह, डॉ. आरके सागर, दीपक शर्मा, डॉ. नेतराम, वरुण कुमार आदि मौजूद रहे।