शामली में पुलिस, प्रशासन और पब्लिक अगर तीनों अपनी जिम्मेदारी समझे तो शहर में जाम की समस्या का समाधान आसानी से हो जाए। मगर न तो लोग यातायात नियमों का पालन करना चाहते और न ही पुलिस-प्रशासन कार्रवाई करना चाहता। जिसका नतीजा यह है कि शहर की यातायात व्यवस्था चौपट है। रोजाना घंटों जाम लगता है और आम जनता परेशान रहती है।
किसकी क्या जिम्मेदारी
यातायात पुलिस
चौराहों पर यातायात संचालन की व्यवस्था को देखना। नियमों का पालन कराना और न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना यातायात पुलिस का काम है। सही मायने में यातायात पुलिस के कंधों पर ही इस व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है।
सिविल पुलिस
वैसे तो यातायात पुलिस का ट्रैफिक संचालन और यातायात के नियमों का पालन कराने की कराने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन सिविल पुलिस भी इस जिम्मेदारी से अलग नहीं है। कोतवाली पुलिस के पास भी यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे वाहन चालकों के चालान किए जाने का अधिकार होता है। पर शामली में पुलिस के सामने ही ट्रिपल राइडिंग की जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
उपसंभागीय परिवहन विभाग
यातायात नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार उपसंभागीय परिवहन अधिकारी के पास भी होता है। एआरटीओ द्वारा भी चेकिंग कर ओवरलोड वाहनों, ट्रिपल राइडिंग तथा बिना हेलमेट और सीट बेल्ट न बांधने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
पालिका प्रशासन
शहर में जगह-जगह अतिक्रमण है। नगर पालिका द्वारा नो वेडिंग जोन भी बनाए गए हैं, लेकिन इन नो वेडिंग जोन में ठेलियां वाले ठेली लगाकर अपना व्यापार करते हैं। इसके अलावा दुकानों के बाहर तक सामान रखकर व्यापारी अतिक्रमण करते हैं, लेकिन पालिका प्रशासन और पुलिस द्वारा इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती।
व्यापारी
शहर में अतिक्रमण से सड़कें संकरी हो गई हैं। बाजारों में तो सड़कों का ओर भी बुरा हाल है, लेकिन कुछ व्यापारी अपनी दुकान के बाहर सड़क पर सामान रखकर अतिक्रमण करते हैं। जिस कारण बाजार में भीड़ बढ़ जाती है और जाम लगा रहता है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वाहन चालक
जिला बनने के बाद से शहर में वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। बाजारों में भी लोग खरीदारी करने के लिए अपने-अपने वाहन लेकर आते हैं। दुपहिया वाहन चालक हेलमेट नहीं पहनते, कार चालक सीट बेल्ट नहीं लगाते और यदि उनको बाजार में जाना पड़ जाए तो सड़क पर वाहन को पार्क कर बाजार में चले जाते हैं। जिस कारण जाम लगता है।
बस चालक और ई-रिक्शा चालक
रोडवेज बस चालक और प्राइवेट बस चालक बस अड्डे के भीतर बस ना खड़ी करके सड़क किनारे खड़ी करते हैं। जिससे अजंता चौक और विजय चौक पर जाम लगता है। इसके अलावा ई-रिक्शा चालक भी कम नहीं है। शहर में बस आते ही ई-रिक्शा चालक बस आगे पीछे घूमने लगते हैं और सड़क किनारे रिक्शा को खड़ी कर सवारियां नहीं भरते। जिस कारण जाम लगता है।
समय-समय पर पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाता रहा है। जल्द ही अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। लालचंद भारती, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका
जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यातायात पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है, साथ ही पब्लिक को भी चाहिए कि वह अपनी जिम्मेदारी समझे और यातायात नियमों का पालन करें, पुलिस द्वारा यातायात नियमों का पालन कड़ाई से कराया जाएगा। देवरंजन वर्मा, एसपी
सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए, ताकि किसी को परेशानी ना हो। अतिक्रमण हटवाने में व्यापारियों ने हमेशा सहयोग किया है, यदि कही अतिक्रमण है तो व्यापारियों को अतिक्रमण स्वयं हटा लेना चाहिए, व्यापारी अतिक्रमण के पक्ष में नहीं है। - घनश्याम दास गर्ग, प्रदेशाध्यक्ष पश्चिमी उत्तरप्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल