शामली। निकाय चुनाव का प्रचार अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। सोमवार शाम पांच बजे प्रचार थम जाएगा, जिसके चलते प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रत्याशियों के समर्थन में मंत्री और नेता पहुंच रहे हैं, तो प्रत्याशी भी अपने समर्थकों के साथ जगह जगह सभा और जनसंपर्क में लगे हैं।
निकाय चुनाव के लिए मतदान से 48 घंटे पूर्व चुनाव प्रचार थम जाएगा। सोमवार शाम तक ही प्रचार किया जा सकता है। इसी कारण रविवार से ही चुनाव प्रचार में तूफानी तेजी आ गई है। प्रत्याशियों ने कई जगह सभाएं कीं, तो दिनभर जनसंपर्क भी चलता रहा। सूत्रों के अनुसार शामली नगर पालिका के दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर भी बहस चल रही है, जिसमें आरोप प्रत्यारोप भी लगाए जा रहे हैं। वहीं, एक दिन पूर्व ही कोतवाली के पास एक दुकान पर दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों में नोकझोंक भी हो गई थी, जिसके बाद मामला पुलिस तक भी पहुंचा था।
इसके अलावा दोनों ही प्रत्याशियों ने रेलवे रोड पर सभा करने की अनुमति ली थी, जिससे माहौल बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई थी। समय रहते प्रशासन ने दोनों ही प्रत्याशियों की सभा करने की अनुमति निरस्त कर दी। इसके चलते शहर में अब चुनावी माहौल सरगर्मी तेज होने के साथ ही तनातनी का माहौल भी बनने लगा है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही आचार संहिता का पालन भी कड़ाई से किया जाए। ताकि चुनावी रंजिश में किसी तरह की घटना न होने पाए।
जिले के कई निकायों में ऐसे हालात
निकाय चुनाव को लेकर सिर्फ शामली ही नहीं, बल्कि अन्य भी कई निकायों में ऐसे ही हालात बने हुए हैं। खुफिया विभाग भी चुनावी माहौल को भांपने में लगा हुआ है तथा उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही हैं। मालूम चला है कि शामली के अलावा नगर पालिका कैराना और कांधला तथा नगर पंचायत जलालाबाद, बनत और झिंझाना में भी राजनीतिक रूप से तनाव कम नहीं है। इसके चलते चुनाव प्रचार खत्म होने के निर्धारित समय और मतदान के दौरान इन निकायों में पूरी चौकसी बरती जानी है।
वर्जन
निकाय चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा का कहना है कि चुनाव में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, पीएसी के अलावा पैरामिलिट्री तैनात रहेगी। सभी थानाध्यक्षों और सीओ को निर्देश हैं कि अपने क्षेत्र में पूरी सतर्कता बरती जाए। इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी