सोमवार की देर शाम 7.46 बजे अष्टमी आने से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सोमवार और मंगलवार यानि दो दिन मनाई जाएगी। मंगलवार को वैष्णव संप्रदाय और सोमवार को दूूसरे संप्रदाय के लोग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे। सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रेष्ठ मानी गई है।
पंडित कुशलानंद जोशी ने बताया कि सोमवार की देेर शाम 7.46 बजे सप्तमी समाप्त होकर अष्टमी का प्रवेश हो रहा है। अष्टमी सोमवार की शाम 7.46 बजे से शुरू कर मंगलवार की रात्रि 8.40 बजे समाप्त होकर नवमी का उदय हो रहा है। बताया कि श्रीकृष्ण जन्म अष्टमी में होता है। मंगलवार की देर रात्रि अष्टमी समाप्त होने और नवमी का उदय होने से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सोमवार को श्रेष्ठ मानी गई है। रोहिणी नक्षत्र 15 और 16 अगस्त को रात्रि 2.50 बजे आ रहा है। उनका मानना है कि 15 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी वैष्णव संप्रदाय के साधु और सन्यासी लोग मनाएंगे।
सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर चंद्र दर्शन रात्रि 11.40 बजे भगवान की विशेष पूजा-अर्चना, स्नान-ध्यान और आरती होगी। इस मौके पर व्रत का समापन होगा। मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का चंद्र दर्शन 12.21 रात्रि बजे होगा। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना, स्नान-ध्यान और आरती होगी।