जनसेवा केंद्रों पर खुली लूट हो रही है। प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली की जा रही है। आय, मूल निवास और जाति पत्र बनवाने की निर्धारित शुल्क 20 रुपये के स्थान पर 100 से 400 रुपये तक वसूली की जा रही है। अमर उजाला टीम ने जनसेवा केंद्रों पर प्रमाण पत्र बनवाने की पड़ताल की तो यही सच्चाई सामने आई।
लोगों को परेशानी से बचाने के लिए आय, मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र के साथ ही अन्य प्रमाण पत्रों की सुविधा देने के लिए गांव और शहरों में जनसेवा केंद्र खोले गए है। शासन ने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। जनसेवा केेंद्र संचालकों के अकाउंट में प्रमाण पत्र बनवाने पर पांच रुपये प्रति प्रमाण पत्र कमीशन एक माह बाद खुद आ जाता है। इसके बाद भी जनसेवा केंद्रों पर आय, मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों से 20 रुपये के स्थान पर 100 से लेकर 400 रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं।
वहीं, स्कूल और कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया के चलते जल्दी में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तो 500 रुपये तक वसूले जा रहे है। जनसेवा केंद्रों पर हो रही अवैध वसूली को लेकर अमर उजाला टीम ने शहर के कुछ जनसेवा केंद्रों पर स्टिंग ऑपरेशन किया। जिसमें यही बातें सामने आई।
-- केस एक --
शहर के नये बाजार में जनसेवा केंद्र पर तीन युवक अपने प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे थे। एक छात्रा भी प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूछ रही थी। उसके संचालक ने बताया कि पिछड़ी जाति का जाति प्रमाण पत्र 100, सामान्य का 200 और अल्पसंख्यक का जाति प्रमाण पत्र बनवाने को 300 रुपये का खर्च आएगा। सुविधा शुल्क में अंतर के बारे में पूछने पर कहा कि सामान्य और अल्पसंख्यक का जाति प्रमाण पत्र तहसील कार्यालय से मेन्यूवल बनवाना पड़ेगा, इसलिए खर्च ज्यादा लगेगा।
-- केस दो --
तहसील परिसर स्थित एक अधिवक्ता के चैंबर को किराए पर लेकर प्रमाण पत्र बनवाने का कार्य किया जा रहा है। उसमें बैठे युवक से जब तत्काल जाति प्रमाण पत्र बनवाने के बारे में बात की गई, तो उसने कहा कि तीन से चार दिन में प्रमाण पत्र मिल जाएगा, मगर उसका खर्च 400 रुपये लगेगा। सरकार के निर्धारित शुल्क के बारे में उसने कहा कि प्रमाण पत्र बनवाना है, तो इतने ही पैसे देने होंगे।
-- केस तीन --
शहर की वर्मा मार्केट स्थित जनसेवा केंद्र पर कई लोग अपने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए खड़े मिले। सभी से प्रति प्रमाण पत्र 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उसके संचालक ने बताया कि शुल्क 100 रुपये ही लगेगा, इससे कम नहीं लिए जाएंगे।
--- वर्जन ---
जनसेवा केंद्रों से प्रमाण पत्र बनवाने पर शासन ने शुल्क निर्धारित किया हुआ है। यदि कोई जनसेवा केंद्र संचालक इसका उल्लंघन करता है और अवैध वसूली की जा रही है, तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। --- इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी