पिता की मृत्यु के बाद अभिलेखों में जमीन अपने नाम कराने के लिए सुन्ना गांव के व्यक्ति से चकबंदी अधिकारी ने रिश्वत मांगी। रिश्वत न देने पर ही चकबंदी अधिकारी ने अभिलेखों में उसकी संपत्ति किसी दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कराने का आदेश पारित कर दिया। शिकायत पर जिलाधिकारी ने अभिलेखों का निरीक्षण करने के बाद चकबंदी अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आयुक्त चकबंदी को पत्र भेजा है।
कांधला क्षेत्र के गांव सुन्ना निवासी रामधन ने जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को शिकायत पत्र दिया। रामधन ने बताया कि उसके पिता मांगा की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने संपत्ति को लेकर वसीयत कर रखी थी। वसीयत के आधार पर संपत्ति के दाखिल खारिज और नाम परिवर्तन के लिए आवेदन किया गया था। आरोप है कि तत्कालीन चकबंदी अधिकारी पवन कुमार ने इस कार्य की बाबत रामधन से 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी। रिश्वत की रकम नहीं दी, तो संपत्ति को अभिलेखों में किसी रविंद्र कुमार के नाम दर्ज कराने का आदेश पारित कर दिया।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पत्रावली निकलवाई। पत्रावली में खामियां और आदेश को गलत मानते हुए उन्होंने वर्तमान चकबंदी अधिकारी को भी बुलाया। उन्होंने भी माना कि आदेश गलत पारित किया गया है। इसके बाद जिलाधिकारी ने चकबंदी आयुक्त को पत्र भेजकर तत्कालीन चकबंदी अधिकारी पवन कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए लिखा है।