शामली। सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील वितरण में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। शहर के आजाद चौक पर प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन और नौ में मिड डे मील वितरण की शिकायत डीएम से की गई। बताया गया कि स्कूल में 78 बच्चे हैं, लेकिन रोटियां सिर्फ 37 बनी हैं। इसके बाद डीएम के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने टीम भेजकर जांच कराई। विद्यालय प्रधानाध्यापक, अध्यापक और रसोई माता को चेतावनी दी गई है।
सोमवार दोपहर पूर्व चेयरमैन राजेश्वर बंसल साथियों सहित आजाद चौक स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन और नौ में बच्चों को पेंसिल, दंत मंजन वितरण करने पहुंचे। राजेश्वर बंसल ने बताया कि स्कूल में 78 बच्चे थे, जिनके मध्याह्न भोजन के लिए सोमवार को सिर्फ 37 रोटियां बनाई र्गइं। उसमें भी आठ रोटियां स्कूल स्टाफ के लिए बनाई गई थीं। इसकी शिकायत जिलाधिकारी सुजीत कुमार तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्र शेखर से की गई।
बीएसए ने स्कूल में टीम भेजकर मामले की जांच कराई। बीएसए ने बताया कि मिड डे मील बच्चों की उपस्थिति के हिसाब से ही बनाया जाता है। सुबह जितने बच्चों की उपस्थिति रही, उतना ही भोजन बना था। इसके बाद जब पूर्व चेयरमैन वहां पर बच्चों को सामग्री वितरण करने पहुंच गए, तो संख्या बढ़ गई थी। हालांकि व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए प्रधानाध्यापक, अध्यापक और रसोई माता को चेतावनी जारी की जा रही है।
किराए के भवन में चल रहे दोनों विद्यालय
आजाद चौक स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन और नंबर नौ किराए के भवन में चल रहे हैं। भवन की हालत भी जर्जर हो चुकी है। दरवाजे टूटे पड़े हैं तो छत भी टूटी हुई है। उधर, गुजरातियान मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी अव्यवस्थाओं का यही हाल मिला। बीएसए के निर्देश पर भेजी गई टीम ने उस स्कूल में पहुंचकर भी जांच की, तो वहां पर एक ही कमरे में पांच कक्षाओं के बच्चे बैठे मिले।
उपस्थिति थी कम, बाद में बढ़ गए बच्चे
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि मौके पर भेजी गई टीम ने स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर भी देखा। उसमें प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन में 48 में से 38 और प्राथमिक विद्यालय नंबर 9 में 78 में से 31 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई। बाद में जब पूर्व चेयरमैन राजेश्वर बंसल सामग्री वितरण को पहुंचे, तो बच्चों की संख्या बढ़ गई थी।