पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला अप्रत्याशित
संजीव शर्मा
शामली। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में देेश के 40 जवान शहीद हो गए। आतंकवादियों की कायरतापूूूर्ण हमले को लेकर देशभर में गम और गुस्सा है। इन जवानों में शामली के दो लाल भी शहीद हुए हैं। इस हमले में शहीद हुए बनत निवासी प्रदीप कुमार के शव के साथ पहुंचे सीआरपीएफ के हवलदार बब्बन सिंह ने कहा कि इस तरह का हमला अकल्पनीय और अप्रत्याशित है। यह देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है।
शनिवार को बनत पहुंचे हवलदार बब्बन सिंह की अमर उजाला से बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि हर जवान देश के लिए मर मिटने का जज्बा रखते हैं। देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने से पीछे नहीं हटते, लेकिन आतंकवादियों ने जिस तरह से पुलवामा में हमला किया है, वह बहुत ही कायरता पूर्ण है। उन्होंने बताया कि पुलवामा में जिस तरह से हमला हुआ है, इसकी कल्पना तक नहीं की गई थी। यह अकल्पनीय और प्रत्याशित घटना है। अभी तक इस तरह के हमले इजराइल और अन्य देशों में तो होने की जानकारी मिलती रहती है, लेकिन देश में इस तरह का यह पहला हमला है। हवलदार बब्बन सिंह ने कहा कि आतंकवादियों के इस तरह के हमले से देेश के जवान कतई घबराने वाले नहीं हैं और जल्द ही आतंकियों को इसका मुंह तोड़ जवाब देंगे। जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
काफिले के साथ शहीदों का शव लेकर पहुंचे
शामली। जिले के शहीद हुए जवान बनत निवासी प्रदीप कुमार और शामली निवासी अमित कुमार के शव शनिवार सुबह सीआरपीएफ और आरएएफ के जवानों के काफिले के साथ पहुंचे। सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली और मेरठ से करीब 100-100 जवान शव के साथ पहुुंचे है। जम्मू से शहीद जवानों की बटालियन से एक-एक जवान शव के साथ पहुंचे हैं।