अब खेतों में नजर आएंगी महिला गन्ना पर्यवेक्षक
शामली। अब जल्द ही खेतों में महिला गन्ना पर्यवेक्षक भी नजर आएंगी। टैब और लैपटॉप से लैस ये पर्यवेक्षक ऑनलाइन होंगी। महिला गन्ना पर्यवेक्षक खेत से सीधे जिला गन्ना अधिकारी को रिपोर्ट भेजेंगी। किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। प्रदेश में 19 साल बाद हुई गन्ना पर्यवेक्षकों की तैनाती में सहारनपुर मंडल के हिस्से में 67 पर्यवेक्षक आए हैं। जल्द ही ये जनपदों में काम शुरू कर देंगी।
गन्ना पर्यवेक्षक गन्ना विभाग और किसानों के बीच की अहम कड़ी है। किसानों की समस्या अफसरों तक पहुंचाकर उसके समाधान का काम गन्ना पर्यवेक्षक ही करता है, लेकिन पिछले 19 साल से गन्ना विभाग में पर्यवेक्षकों की नियुक्तियां बंद थी, जो पर्यवेक्षक तैनात थे वे भी धीरे धीरे रिटायर हो रहे थे। किसानों की अफसरों से दूरियां भी बढ़ गई थी। गन्ना विभाग ने प्रदेश में 851 गन्ना पर्यवेक्षकों की भर्ती की है। दो दिन पूर्व ही सीएम ने इन पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए। प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के अनुसार प्रदेश में नियुक्त हुए गन्ना पर्यवेक्षक एमएससी एग्रीकल्चर हैं। अधिकतर पर्यवेक्षक कंप्यूटर में भी क्वालीफाइड हैं। इनमें 78 महिलाएं हैं। 50 ने बीटेक और आईटी सेेक्टर का ज्ञान है। प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री के अनुसार ये पर्यवेक्षक सीधे लैपटॉप और टैब के साथ हर वक्त ऑनलाइन रहेंगे। सर्वे आंकड़े और किसान की समस्याएं तुरंत ऑनलाइन विभाग को भेजा जाएगा, जिससे उन समस्याओं का समाधान भी जल्द होगा। पूर्व में तैनात गन्ना पर्यवेक्षकों को कंप्यूटर की जानकारी भी कम थी, जिस कारण काम में भी देरी होती थी।
सहारनपुर मंडल को मिले 67 पर्यवेक्षक
गन्ना मंत्री के अनुसार सहारनपुर मंडल के हिस्से में कुल 67 गन्ना पर्यक्षक आए हैं। इनमें शामली जनपद को 20, सहारनपुर को 19 और मुजफ्फरनगर जिले में 28 गन्ना महिला पर्यवेक्षकों को भेजा गया है। इन्होंने जनपदों में पहुंचकर काम भी शुरू कर दिया है। जल्द ही इसका असर भी नजर आएगा।
गन्ना पर्यवेक्षक के कार्य
- किसानों के गन्ना का खेत में सर्वे करना
- खेत का क्षेत्रफल, रकबा आदि का रिकार्ड रखना
- बेसिक कोटा निर्धारण में अहम भूमिका निभाना
- किसानों को गन्ना पर्ची, कलेंडर वितरण व्यवस्था
- सही प्रजाति के बीज आदि की जानकारी देना
- किसानों की समस्याओं को अधिकारियों तक पहुंचाना
समस्याएं जल्द होंगी हल
प्रदेश में 19 साल बाद ये नियुक्तियां हुई है। नौजवानों को मौका मिला है। इनमें 78 महिला गन्ना पर्यवेक्षक बनी हैं। 50 बीटेक युवक है। ये हर वक्त आनलाइन रहेंगे और किसानों की समस्याएं त्वरित ढंग से हल होंगी। सरकार की ये एक बड़ी उपलब्धि है। - सुरेश राणा, गन्ना मंत्री उत्तर प्रदेश।