शामली। अब बेसहारा पशुओं के कारण किसानों को परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेगी। खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद करने से बचाया जा सकेगा, क्योंकि जिले में वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण इसी माह शुरू होने जा रहा है। उसके लिए शासन ने प्रथम किश्त के रूप में 50 लाख रुपये की धनराशि जारी भी कर दी है।
जिले में गो संरक्षण केंद्र के निर्माण के लिए बनत के पास 1.22 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके निर्माण के लिए पैकफेड को निर्माण एजेंसी निर्धारित किया गया है। एक गो संरक्षण केंद्र के निर्माण में करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च होने हैं। इसके सापेक्ष दो दिन पूर्व ही शासन ने 50 लाख रुपये की धनराशि शामली जिलाधिकारी के खाते में भिजवा दी है तथा निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। यह धनराशि राज्य आकस्मिकता निधि से दी गई है। गौरतलब है कि प्रदेश के 68 जनपदों में वृहद गो संरक्षण केंद्रों का निर्माण कराया जाना है।
फसलों को नुकसान और हादसों का खतरा
आवारा पशुओं के कारण खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने का मुद्दा कई बार किसान दिवस में उठ चुका है। यह पशु फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही वाहनों को टक्कर भी मार देते हैं। मुजफ्फरनगर मार्ग पर छह महीने पूर्व आवारा पशु की टक्कर लगने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी, जबकि उससे पूर्व भैंसवाल मार्ग पर भी इसी कारण से बाइक सवार युवक की मौत हुई थी।
लखनऊ में तैयार हो रहा नक्शा, मिट्टी नमूना जांच को भेजा
वृहद गो संरक्षण केंद्र के लिए बनत के पास आवंटित की गई भूमि से मिट्टी का नमूना लेकर पैकफेड कंपनी जांच के लिए प्रयोगशाला भेज चुकी है। इसके अलावा गो संरक्षण केंद्र का नक्शा पशुपालन विभाग द्वारा लखनऊ में तैयार कराया जा रहा है। मिट्टी नमूने की जांच रिपोर्ट आने के बाद तथा स्वीकृत नक्शा प्राप्त होने पर निर्माण शुरू होगा।
वृहद गो संरक्षण केंद्र का प्रारूप
- चार गोवंश शेड बनेंगे, जिनका क्षेत्रफल 2000 वर्ग फुट होगा
- भूसे के दो गोदाम बनेंगे, जिनका क्षेत्रफल 2000 वर्ग फुट होगा
- कार्यालय, औषधि कक्ष और स्टोर 300 वर्ग फुट में बनेंगे
- छह कर्मचारी आवास, शौचालय, स्नानागार 1100 वर्ग फुट में बनेंगे
- चारा पानी के लिए चार चरनियां बनेंगी, जो 800 वर्ग फुट में होंगी
- शेडों के बाहर भी खुले क्षेत्र में कुछ चरनियां, जिनका क्षेत्रफल 5400 वर्ग फुट होगा, उन पर आवश्यकता के अनुसार शेड बनाया जा सकेगा।
- पंप हाउस का निर्माण होगा, जिसमें उपयुक्त क्षमता का सबमर्सिबल पंप लगाया जाएगा।
- 10 हजार लीटर क्षमता वाली पानी की टंकियां स्थापित होंगी।
- चारदीवारी और शेडों को अलग करने के लिए बाड़ की व्यवस्था होगी।
वर्जन
वृहद गो संरक्षण केंद्र के निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी का निर्धारण हो चुका है। प्रथम किश्त के रूप में धनराशि आ गई है। जल्दी ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। - राजेश कुमार सैनी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।