व्यापारियों का जारी रहेगा असहयोग आंदोलन
शामली।
व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन का बहिष्कार और असहयोग आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही यह भी निर्णय किया कि 10 जुलाई को प्रदेश के सभी जनपदों में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मामले में इंसाफ की मांग की जाएगी।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को बाल श्रम रोकने के लिए एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य के नेतृत्व में टीम छापेमारी करने निकली थी। शहर में फव्वारा चौक के पास भारत स्टील पर एक श्रमिक की उम्र कम पता चलने पर उसको मेडिकल के लिए भेजने का व्यापारियों ने विरोध कर दिया था और घेराव कर लिया था। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे व्यापारियों को हटाया था और हंगामा शांत नहीं करने पर व्यापारी नेता नरेंद्र अग्रवाल को पकड़कर थाने ले गई थी। बाद में पुलिस ने नरेंद्र अग्रवाल को छोड़ दिया था। उधर, शुक्रवार को दिन भर व्यापारियों ने शहर के शिवचौक पर धरना दिया था और शामली कोतवाली प्रभारी को निलंबित कराने की मांग की थी। वहीं, शनिवार को शहर में सुभाष चौक के पास स्थित पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के कार्यालय पर व्यापारियों की बैठक हुई। व्यापारियों ने कहा कि वरिष्ठ व्यापारी नेता नरेंद्र अग्रवाल के साथ अभद्रता करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग जारी रहेगी। इसीलिए पुलिस प्रशासन का बहिष्कार करते हुए असहयोग आंदोलन किया जाएगा। पुलिस की बैठकों में व्यापारी सम्मिलित नहीं होंगे और अपने कार्यक्रमों में भी नहीं बुलाएंगे। इसके अलावा 10 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारी को वहां के व्यापारी ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक असहयोग आंदोलन चलता रहेगा। वहीं, नौ जुलाई को मेरठ जाकर एडीजी प्रशांत कुमार से मुलाकात की जाएगी। इस दौरान ब्रजभूषण संगल, सुभाष धीमान, नरेंद्र अग्रवाल, सूर्यवीर सिंह, अंकित गोयल, रमेश विश्वकर्मा, सरदार गुरजीत सिंह बेदी, पंकज गुप्ता, पंकज वालिया, रवि संगल, अनुज गोयल, अमित मित्तल, नवीन अग्रवाल, यशपाल पवार, संजय बिडौली, अनुराग जैन, महेश धीमान, कंवरबीर कांबोज, प्रतीक अग्रवाल, रोहित संगल, प्रणव गुप्ता, मनोज मित्तल, आशु पुरी आदि मौजूद रहे।