शामली/कैराना। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाए जा रहे लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्यक्रम मजाक बन कर रह गया हैं। रविवार को विशेष दिवस पर भी बीएलओ ने खासी रुचि नहीं दिखाई। यहीं कारण है कि अधिकतर पोलिंग बूथ सूने पड़े नजर आए। इस कारण आवेदकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के लिए पुनरीक्षण कार्यक्रम चल रहा है। मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत सभी विद्यालय रविवार को खोलने के निर्देश दिए गए थे। एक जून से 30 जून तक मतदाता सूचियों का घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य भी किया जा रहा है। एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष पूर्ण कर चुके युवा और निर्वाचक नामावली में सम्मिलित होने से वंचित रह गए तथा संशोधन कराने वालों को इसका लाभ दिया जाना है। इसकी जिम्मेदारी बूथ लेवल अधिकारियों को सौंपी गई है। रविवार को भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष दिवस पर संबंधित बीएलओ को पोलिंग बूथ पर अपना कार्य करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद लापरवाही रही है। कैराना लोकसभा एवं विधानसभा के सबसे बड़े मतदान केंद्र इस्लामिया इंटर कॉलेज तथा पब्लिक इंटर कॉलेज में एक भी बीएलओ ने पहुंचने की जहमत तक नहीं उठाई। इनके अलावा क्षेत्र के ग्राम नंगलाराई समेत विभिन्न गांवों में बीएलओ नदारद रहे। वहीं, आवेदक भीषण गर्मी और धूप की तपिश में बूथों तक पहुंचे, लेकिन बीएलओ के न होने से उन्हें मायूस ही लौटना पड़ा। उधर, शामली विधानसभा के सभी बूथों पर मतदाता सूची पढ़कर सुनाई गई।
गैर हाजिर बीएलओ के खिलाफ होगी कार्रवाई
शामली। कैैैराना के तहसीलदार रनवीर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में गैैरहाजिर बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम शामली ने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत नदारद बीएलओ की रिपोर्ट मंगाई जा रही है। गैैर हाजिर बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।