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भाजपा प्रत्याशियों के काम नहीं आया मंत्रियों का मैजिक

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भाजपा प्रत्याशियों के काम नहीं आया मंत्रियों का मैजिक
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शामली। नगर निकाय चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को जिताने के लिए भाजपा ने खूब ताकत लगाई। मंत्रियों से लेकर सांसद और विधायकों को लक्ष्य निर्धारित कर अलग अलग निकाय में प्रचार के लिए लगाया, लेकिन मंत्रियों का मैजिक कोई असर नहीं दिखा सका, जिसका नतीजा हुआ कि जिले में सिर्फ एक ही अध्यक्ष पद पर भाजपा जीत दर्ज करा पाई। वहीं, नगर पालिका परिषद शामली में सदस्य पद के लिए उतारे गए 21 प्रत्याशियों में से सिर्फ पांच ही जीत सके।
खासकर शामली नगर पालिका परिषद को लेकर भाजपा ने पूरी ताकत लगाई हुई थी। यहां पर भाजपा ने दीपिका संगल को प्रत्याशी बनाया था। टिकट के निर्धारण को लेकर भाजपा में जमकर गुटबाजी भी हो गई थी। क्योंकि पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे, तो भाजपा की एक लॉबी अरविंद संगल को सपोर्ट कर रही थी। वहीं, सिल्वर बेल्स स्कूल के चेयरमैन अजय संगल अपनी पत्नी दीपिका संगल को टिकट दिलाने के लिए कई मंत्रियों के संपर्क में बने थे। इस कारण भाजपा की पहली सूची में शामली से कोई प्रत्याशी घोषित नहीं हुआ था, बल्कि कई दिन तक चली जद्दोजहद के बाद पार्टी ने दीपिका संगल को ही प्रत्याशी बना दिया था। इसके बाद पार्टी में अंदरुनी कलह भी बन गई थी।
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उधर, भाजपा पार्टी हाईकमान ने शामली अध्यक्ष पद को जिताने के लिए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापतिराम त्रिपाठी, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्म सिंह सैनी, गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा, कैराना से सांसद हुकुम सिंह, शामली से विधायक तेजेंद्र निर्वाल, मुजफ्फरनगर से सांसद संजीव बालियान, मुजफ्फरनगर से विधायक कपिल देव अग्रवाल तथा भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा सहित विभिन्न नेताओं ने शामली में डेरा जमा लिया था।
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21 में से पांच ही सदस्य जीते
नगर पालिका परिषद शामली में सदस्य पद पर भी भाजपा ने 21 प्रत्याशी उतारे थे। पार्टी सिंबल पर उतरे इन प्रत्याशियों में से मालिनी गर्ग, पूनम विश्वकर्मा, पंकज गुप्ता, राजीव और किरण जीत दर्ज कर पाई। अन्य निकायों में भी सदस्य पद पर भाजपा प्रत्याशियों की ऐसी ही स्थिति रही।
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