जिला जेल मुजफ्फरनगर में बंद हत्यारोपी से मुलाकात करके लौटते समय चरथावल के गांव मुथरा निवासी शफात खान की बृहस्पतिवार रात हत्या कर दी गई। वह कस्बा जलालाबाद के सरदार खान पर हुए हमले के मामले में पैरोकारी कर रहा था। शुक्रवार को शफात का शव लेकर परिजन और ग्रामीणों ने थानाभवन थाने पहुंचे। पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
गौरतलब है कि कस्बा जलालाबाद में गत 23 फरवरी को करीम बेग और हिफजान खान पक्ष के लोगों में फायरिंग हो गई थी। फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें मसकूर ने हिफजान खान, परवेज, अर्सी, शमी और नजराना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस मामले में पैरोकारी कर रहे शमी खान के पिता सरदार खान को ढाई माह पूर्व गोली मार दी गई थी, जिसमें दूसरे पक्ष के लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
उधर, शुक्रवार को मुथरा गांव से शफात खान का शव लेकर थानाभवन थाने पहुंचे परिजनों ने बताया कि सरदार खान पर हमले के मामले में शफात खां पुत्र इनामउल्ला खां और उसका भांजा सारिक निवासी जलालाबाद पैरवी कर रहे थे। बृहस्पतिवार रात मुजफ्फरनगर में उसकी हत्या कर दी गई। लोगों का आरोप है कि सरदार खान पर हुए हमले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने के कारण ही शफात खान की हत्या हुई।
इस दौरान लोगों ने हंगामा करने के साथ ही दिल्ली सहारनपुर मार्ग पर जाम लगाने की कोशिश भी की। सूचना पर पहुंचे सीओ राजेश तिवारी ने लोगों को समझाया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जलालाबाद चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है और दूसरे पैरोकार सारिक को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा ने भी थाने पहुंचकर घटना की जानकारी ली।