- जिला अस्पताल समेत सात केंद्रों पर हुआ टीकाकरण
- वैक्सीन न होने की वजह से तीन माह से बंद चल रहा था टीकाकरण
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में तीन माह बाद कोरोनारोधी टीकाकरण फिर शुरू हो गया। टीकाकरण केंद्रों पर टीके लगवाने वालों की संख्या कम रही। पहले दिन सभी सात केंद्रों पर 63 लोगों ने टीके लगवाएं।
जिले में तीन माह से कोरोनारोधी वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण टीकाकरण बंद चल रहा था। बुधवार को जिले को कोविशील्ड की लगभग आठ हजार खुराक मिली थी, जबकि कोवैक्सीन की खुराक नहीं मिल पाई। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल, सीएचसी शामली, कैराना, कांधला, थानाभवन, झिंझाना और ऊन पर कोरोनारोधी टीकाकरण शुरू किया गया। सीएचसी शामली पर बनाए गए टीकाकरण केंद्र का शुभारंभ अंशिका जैन को सतर्कता डोज का टीका लगाकर किया गया। इस अवसर पर सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास, डॉ. रीतु, वैभव गुप्ता, पदमा स्टाफ नर्स मौजूद रहे।
पहले दिन टीकाकरण लगवाने वालों की संख्या कम रही। सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक टीकाकरण केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवाने वालों का इंतजार करते रहे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि बृहस्पतिवार को 13 लाभार्थियों को पहली डोज का और 12 लाभार्थियों को दूसरी डोज का टीका लगा है। इसके अलावा 38 लोगों को सतर्कता डोज लगी है। इस तरह से पहले दिन सभी बूथों पर 63 लोगों को टीके लग पाए हैं। उन्होंने बताया 18 साल से अधिक आयु के लाभार्थियों को दूसरी डोज व सतर्कता डोज का टीका लगाया जा रहा है।
उन्होंने लोगों से कहा कि कोरोना से बचाव के लिए कोरोनारोधी टीका अवश्य लगवाएं। विभाग द्वारा निर्धारित केंद्रों पर नि:शुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में 720212 लोगों को सतर्कता डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिनमें अब तक 263117 लोगों को टीके लग चुके हैं।
शामली सीएचसी में किशोरी को टीका लगाते स्वास्थ्यकर्मी