फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कारोबारियों के बच्चों ने गाड़े सफलता के झंडे

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

शामली। सीबीएसई बोर्ड हाईस्कूल में टॉपर्स बने जिले के अधिकांश छात्र कारोबारी परिवार से हैं। इनमें किसी की मां ज्यादा नहीं पढ़ी तो किसी के पिता, लेकिन इनके बच्चों ने अपनी मेहनत के बल पर सफलता का मुकाम हासिल किया है। इनमें से कुछ इंजीनियर बनना चाहते हैं तो किसी का सपना सीए बनने का। अमर उजाला ने जिले के मेधावियों से बात कर उनकी सफलता का राज जाना।
पढ़ाई में सोशल मीडिया की मदद लेते हैं निश्चय
सीबीएसई हाईस्कूल में 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले सेंट आरसी कान्वेंट स्कूल शामली के छात्र निश्चय गोयल ने बताया कि वे इंजीनियर बनना चाहते है। वह आईआईटी की कोचिंग लेंगे। नाला पटरी सब्जी मंडी निवासी निश्चय के पिता अजय गोयल इंटर पास है और रेडीमेड की दुकान करते है। माता रश्मि गोयल ग्रेजुएट है और गृहणी है। बताया कि उन्होंने स्कूल के बाद शाम पांच बजे से रात के 11 बजे तक पढ़ाई की। बीच में खाना खाने और कुछ देर टीवी देखकर रेस्ट लेते थे। टीवी पर उन्हें क्रिकेट देखना अच्छा लगता है जबकि वे खुद क्रिकेट नहीं खेलते। उन्होंने मैथ्स और साइंस का लगातार ट्यूशन किया। इंगलिश का दो माह ट्यूशन लिया। फेसबुक को केवल देखते है, लेकिन चैटिंग नहीं करते। सोशल मीडिया पर यू-ट्यूब का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करते है। अगर किसी सवाल हल करने में या कोई टॉपिक समझ नहीं आया तो यू-ट्यूब से मदद ली। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और टीचर्स को दिया है। निश्चय ने इंगलिश में 100, हिंदी में 97, गणित में 99, विज्ञान में 98, सामाजिक विज्ञान में 97 अंक प्राप्त किए है।
विज्ञापन


मेहुल गर्ग का सपना इंजीनियर बनना
शामली। सीबीएसई हाईस्कूल में 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले सेंटआरसी कान्वेंट स्कूल शामली के छात्र मेहुल गर्ग ने बताया कि उनका सपना आईआईटी कर इंजीनियर बनना है। मोहल्ला ब्राह्मणान निवासी मेहुल गर्ग के पिता ब्रिजेश गर्ग ग्रेजुएट है और नया बाजार में गिफ्ट और आर्टिफिशियल ज्वैलरी की दुकान है। उनकी माता इंटर पास है और गृहणी है। बताया कि उन्होंने लगातार मैथ्स, साइंस और इंगलिश का ट्यूशन लिया। सोशल मीडिया के सवाल पर कहा कि व्हाट्सएप का यूज नहीं किया। कभी-कभी माइंड फ्रेश करने के लिए यू ट्यूब पर गाने सुन लेते है। पढ़ाई के शेड्यूल के बारे में बताया कि स्कूल से आने के बाद ट्यूशन जाते थे। इसके बाद रात आठ बजे से देर रात 12 या एक बजे तक पढ़ाई की। पांच घंटे की नींद लेने के बाद सुबह छह बजे तक सोकर उठते थे और फिर रात में जो पढ़ाई की, उसका रिविजन किया। उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता और टीचर्स को दिया। मेहुल गर्ग ने इंगलिश में 97, हिंदी में 98, गणित में 99, विज्ञान में 97 और सामाजिक विज्ञान में 100 अंक प्राप्त किए है।

मुस्कान की पहली पसंद इंजीनियर बनना
शामली। सीबीएसई हाईस्कूल के रिजल्ट में सिल्वर बेल्स स्कूल शामली की छात्रा मुस्कान जैन ने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। उनकी पहली पसंद इंजीनियर बनना है। कस्बा कैराना के मोहल्ला सरावज्ञान निवासी मुस्कान के पिता मनोज जैन गैस सिलेंडर और इससे जुड़े सामान की मरम्मत करने की दुकान करते है। पिता इंटर पास है जबकि माता सपना जैन पोस्ट ग्रेजुएट और गृहणी है। मुस्कान ने बताया कि उन्होंने कोई ट्यूशन नहीं लिया। सोशल मीडिया के प्रयोग के सवाल नाम पर बताया कि व्हाट्सएप को पढ़ाई के लिए यूज किया। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और टीचर्स को दिया है। मुस्कान ने इंगलिश में 96, हिंदी में 100, गणित में 96, विज्ञान में 98 और सामाजिक विज्ञान में 99 अंक प्राप्त किए है।

पीएचडी कर रिसर्च करना चाहती हैं वंशिका
सीबीएसई हाईस्कूल में सिल्वर बेल्स स्कूल शामली की छात्रा वंशिका मलिक ने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। मोहल्ला रेलपार निवासी मुस्कान के पिता विपिन कुमार आर्मी में जेसीओ है और इस समय जम्मू में तैनात है। माता पूनम ग्रेजुएट और गृहणी है। वंशिका ने बताया कि उन्होंने रिजल्ट की जानकारी फोन पर अपने पापा को दी तो वे बहुत खुश हुए और इसी तरह आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। वंशिका ने बताया कि वह पीएचडी कर बायोलॉजी में रिसर्च करना चाहती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कोई ट्यूशन नहीं लिया और सोशल मीडिया से दूर रही। वंशिका की छोटी बहन अविका इसी स्कूल में कक्षा आठ में और छोटा भाई अनंत कक्षा चार में पढ़ता है। उसने अपनी सफलता के पीछे माता-पिता और शिक्षकों को दिया। वंशिका ने इंगलिश में 100, हिंदी में 100, गणित में 98, विज्ञान में 95 और सामाजिक विज्ञान में 96 अंक प्राप्त किए है।
विज्ञापन


अर्चिता का सपना सीए बनना
शामली। सीबीएसई हाईस्कूल में सिल्वर बेल्स स्कूल शामली की छात्रा अर्चिता धवन ने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। मोहल्ला सीबी गुप्ता कालोनी निवासी अर्चिता धवन के पिता विकास धवन बीएससी ऑनर्स है और उनका थोक का व्यापार है। माता नीरु बीएससी ऑनर्स और गृहणी है। अर्चिता ने बताया कि उन्होंने मैथ्स का ट्यूशन लिया है। सोशल मीडिया में व्हाट्सएप का कभी-कभी पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया। अर्चिता ने बताया कि उनका सपना सीए बनना है। उसे पहले से ही कॉमर्स विषय पसंद है। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और टीचर्स को दिया है। अर्चिता धवन ने इंगलिश में 100, हिंदी में 100,गणित में 95, विज्ञान में 95, सामाजिक विज्ञान में 99 अंक प्राप्त किए है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें